उमरीबेगमगंज(गोंडा)। नोटबंदी के दौरान किसानों के बंद केसीसी खाते में करीब 14 करोड़ रुपए कालाधन खपाने के मामले में दूसरे दिन भी सर्व यूपी ग्रामीण बैंक शाखा पर किसानों का हंगामा रहा। अमर उजाला की खबर पर गुरुवार की सुबह नौ बजे ही किसानों की भीड़ जमा हो गई और दोषी बैंक कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की जाने लगी। वहीं इस खबर सचेत हुआ ग्रामीण बैंक के मुख्यालय मेरठ से आए वरिष्ठ प्रबंधक अनुराग श्रीवास्तव, एसडीएम तरबगंज ने जांच शुरू की। किसानों ने नारेबाजी करते हुए बैंक पर मनमानी का आरोप लगाया और कहा कि बैंक के अधिकारियों व कर्मचारियों ने नोटबंदी के दौरान उनके केसीसी खाते में कालाधन जमाकर निकाल लिया और उनके खाते अपने आप रिन्यूवल हो गए। इससे 1582 किसानों को कर्जमाफी का फायदा नहंी मिल पाया। इस पर जांच करने आए वरिष्ठ प्रबंधक अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि जिन किसानों के ऋण नहीं माफ हो पाए हैं उसके लिए बैंक जिम्मेदार नहीं है। सभी किसान ऋण मोचन योजना के पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
गौरतलब है कि जिले के तरबगंज तहसील क्षेत्र के सर्व यूपी ग्रामीण बैंक उमरी बेगमगंज शाखा में करीब दो हजार किसानों का केसीसी खाता है। ऋण की अदायगी न कर पाने से किसानों के खाते बंद (एनपीए) हो गए। लेकिन इसका फायदा बैंक अधिकारियों व धनकुबेरों ने उठाया और 1552 किसानों के केसीसी खाते में करीब 14 करोड़ रुपए जमा कर पैसे दूसरे एकाउंट में ट्रांसफर करवा दिए। ऋण मोचन योजना का लाभ न मिलते देख किसानों ने बुधवार को बैंक पर हंगामा किया तब पता चला कि उनके खाते अपने आप रिन्यूवल हो गए। इससे सभी किसान चौकन्ने हो गए और बैंक पर लापरवाही का आरोप लगाया। बृहस्पतिवार को सुबह नौ बजे से ही बैंक के सामने किसानों की भीड़ जुटने लगी। अचानक दोषियों को सजा दिलाओ दोषियों को सजा दिलाओ के नारे लगने लगे। प्लान था बैंक बंद करवा कर रोड जाम करने का, लेकिन मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक प्रेम नरायन पांडेय के हस्तक्षेप पर किसान मान गए। इसके बाद विधायक प्रेम नारायण पांडे और एसडीएम उमेश चंद उपाध्याय ने बैंक मैनेजर तथा मेरठ से आए वरिष्ठ प्रबंधक से मिलकर मामले की पूरी जानकारी ली और कहा कि बैंक की गलती को बैंक अधिकारी स्वयं सुधार करें। किसानों को ऋण माफी का लाभ दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाएं। फिलहाल किसान क्रेडिट कार्ड के खातों का नवीनीकरण तकनीकी गलती से हुआ है या फिर रसूखदारों से मिलीभगत कर बैंक कर्मियों ने 14 करोड़ रुपये कालेधन को सफेद बना डाला इसका खुलासा तो जांच के बाद ही हो सकेगा।