जिलों में नहीं होती जनता की सुनवाई : सीएम
- वीडियो कांफ्रेंसिंग में सीएम ने लापरवाह अफसरों को किया सचेत
गोंडा। जनता दर्शन में फरियादियों की बढ़ती संख्या से स्पष्ट है कि जिलों में जनता की शिकायतों का सम्यक व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण नहीं हो रहा है। ऐसे में लापरवाह अधिकारी सचेत हो जाएं अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें। ये चेतावनी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग करते हुए जिले के अफसरों को दी।
सीएम ने कहा कि, सरकार के सौ दिन के कार्यकाल में अब तक कुल 11 लाख शिकायतें प्राप्त हुईं हैं। इनमें से ज्यादातर शिकायतें अवैध कब्जे, चकमार्ग की पैमाइश, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, तालाब व अन्य सरकारी जमीनों पर कब्जे से सम्बंधित हैं। जिनका निस्तारण थाना, ब्लॉक व तहसील स्तर पर किया जा सकता है। मगर स्थानीय स्तर पर निस्तारण न होने अथवा संतोषजनक निस्तारण न होने से लोगों को अपना समय और पैसा खर्च करके इसकी शिकायत लखनऊ मे बैठे अधिकारियों से करनी पड़ती है। जो गलत है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में यदि कोई भी व्यक्ति भूख अथवा इलाज के अभाव में मरेगा तो निश्चित ही सम्बन्धित जिले के डीएम सहित अन्य जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जाएगी। कानून व्यवस्था तथा अपराध नियंत्रण के लिए उन्होंने अधिकारियों से जीरो टालरेंस अपनाने को कहा। इसकी समीक्षा मुख्य सचिव व डीजीपी करेंगे। तहसील दिवस, समाधान दिवस की तरह ही ब्लॉकों पर ब्लाक दिवस का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि विभिन्न संदर्भों के माध्यम से 30 जून तक प्राप्त शिकायतों को 31 जुलाई तक निस्तारित करते हुए शासन को रिपोर्ट भेज दें।