गोंडा। मनरेगा अब विकास के लिए साथ महिला सशक्तीकरण की मिसाल बनेगा। इसके लिए पूरे साल में 16 लाख मानव दिवस का कार्य सिर्फ महिलाओं को देना है। इससे 16 हजार महिला श्रमिकों को 100 दिन का रोजगार मिल सकेगा। सभी पंचायतों को महिलाओं को कार्य दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं। मनरेगा के दो लाख श्रमिकों में 50 हजार से अधिक महिला श्रमिक हैं, इस बार उन्हे प्राथमिकता पर रोजगार मुहैय्या कराने की व्यवस्था की गई है। सीडीओ आशीष कुमार ने पंचायतों को निर्देश दिया है कि हर गांव में महिलाओं को रोजगार दिया जाए और इसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराया जाए। महिलाओं को कार्य देने में महिला प्रधान के परिजनों को शामिल किए जाने की व्यवस्था की गई है। महिला श्रमिकों को रोजगार की व्यवस्था पहले से थी लेकिन पहली बार विशेष जोर दिया जा रहा है।
मनरेगा से 58 लाख 55 हजार 556 मानव दिवस का सृजन किए जाने का लक्ष्य तय किया गया है। हर साल मनरेगा से पंचायतों को 18 लाख रूपए का खर्च किया जाना अनिवार्य है। यह न्यूनतम किया जाना है। इससे अधिक के कार्य किए जाने के निर्देश दिए गए हैं और गांव में विकास के साथ ही अन्य कार्यों को भी शामिल करना है, जिसमें किसानों की समृद्वि से जुड़ी योजनाओं पर भी जोर है। बताया जा रहा है कि विकास कार्यों में महिला श्रमिकों के लिए कार्य स्थल पर भी पर्याप्त सुविधा दिए जाने के निर्देश हैं।
मनरेगा के लिए जारी हुए कई निर्देश
मनरेगा के कार्यों को तेजी से लागू करने में कई बिन्दुओं पर विशेष ध्यान देना है। गुड़ गवर्नेंस के तहत सूचना बोर्ड लगाना जरूरी कर दिया गया है। इसके साथ ही गुणवत्ता प्रबंधन व कार्य पूर्णता पर जोर दिया जा रहा है। प्राकृतिक संसाधनों के कार्यों पर व्यय करने के लिए कार्य तय किए गए हैं। कार्यों में लाभार्थी परक कार्य भी शामिल किए गए हैं। जिसमें लाभार्थियों के चयन का दायरा बढ़ाया गया है। अब महिला प्रधानों के परिजनों को भी शामिल किया जा सकेगा।
कृषि कार्यों पर 65 फीसदी बजट होगा खर्च
कृषि विकास के कार्यों पर मनरेगा का 65 फीसदी बजट व्यय किया जाना है। जिससे किसानों को सुविधा दी जा सके। इसमें तालाबों के जीर्णोद्वार, वर्षा जल संरक्षण के साथ ही परती भूमि एवं बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने के कार्यों को लिए जाने हैं। पौधरोपण और उद्यानीकरण की परियोजनाओं को लागू किया जाना है। इन कार्यों से किसानों के आजीविका में वृद्धि किए जाने पर जोर है।
मनरेगा के कार्यों में तेजी लाएं पंचायतें
मनरेगा के कार्यों में पंचायतें तेजी लाएं। किसानों से जुड़ी परियोजनाओं को प्राथमिकता दें और महिला श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराकर महिला सशक्तीकरण के सहभागी बनें। ब्लॉक स्तर से अधिकारी कार्यों की नियमित मानीटरिंग करें और बेहतर परिणाम लाएं। -आशीष कुमार, सीडीओ