गोंडा। ग्राम पंचायत रेतवागाड़ा के करीब 1000 परिवारों को खाद्यान्न मिलने का रास्ता साफ हो गया है। झूठी शिकायत के आधार पर पूर्ति निरीक्षक की ओर से कराई गई एफआईआर की कार्रवाई को डीएम प्रभांशु श्रीवास्तव ने खारिज कर दिया है।
गांव के कार्डधारकों को खाद्यान्न को लेकर हो रही दिक्कत को देखते हुए डीएम ने उचित दर विक्रेता राधा रमण तिवारी का लाइसेंस बहाल कर कार्डधारकों को अनाज वितरण करने की अनुमति दी है। डीएम की ओर से अनाज वितरण की अनुमति मिलने पर एसडीएम सदर ने दुकानदार को तत्काल कार्डधारकों को अनाज वितरण करने का निर्देश दिया है।
तहसील सदर कीग्राम पंचायत रेतवागाड़ा में कुछ लोगों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस से शिकायत दर्ज करायी थी कि गांव का उचित विक्रेता की ओर से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पर चावल लाद कर कालाबाजारी में बेचने की फर्जी शिकायत के मामले में पूर्ति विभाग के पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था।
डीएम के निर्देश पर जब इस मामले की तहसील प्रशासन ने राजस्व विभाग की टीम से जांच करायी तो पाया गया कि उचित दर विक्रेता राधारमण तिवारी की दुकान से ही एक अन्य दुकान का भी कोटा अटैच हैं, जिसके लिए दो स्थान पर खाद्यान्न रखा जाता है। राजस्व निरीक्षकों की टीम ने जांच में पाया कि उचित दर विक्रेता के दोनों गोदाम में मौजूद खाद्यान्न का स्टाक स्टाक रजिस्टर के मुताबिक सही है।
गांव के कार्डधारकों ने अनाज का वितरण होने का बयान दर्ज कराया। जांच में यह बात भी साफ हुआ कि जो शिकायत पर ट्रैक्टर-ट्रॉली पर 98 बोरी खाद की बोरी में चावल पकड़ा गया था वह गांव के दुष्यन्त कुमार तिवारी नाम के किसान का था जो क्षेत्र के सूर्य लाल के पालेसर मशीन से कुटाई कर चावल लेकर आ रहे थे। एसडीएम एसएन त्रिपाठी ने दुकानदार को कार्डधारकों खाद्यान्न वितरण शुरू करने का आदेश दिया है।