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फर्जी टीईटी प्रमाण पत्र से नौकरी कर रहे तीन शिक्षक बर्खास्त

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फर्जी टीईटी प्रमाण पत्र से नौकरी कर रहे तीन शिक्षक बर्खास्त

गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक भर्ती में फर्जी टीईटी प्रमाण पत्र लगाए जाने का खुलासा हुआ है। टीईटी प्रमाण पत्र के दो बार ऑनलाइन सत्यापन में भी पिता का नाम भिन्न मिलने पर गुरुवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनिराम सिंह ने तीन शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया है।

उन्होंने बताया कि तीनों शिक्षकों की जांच में पिता के नाम की भिन्नता मिलने पर स्पष्टीकरण मांगा गया तो संबंधित की ओर से जमा किए गए टीईटी प्रमाण पत्रों की जांच कराई गई, उनमें भी भिन्नता मिली।
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दोनों बार में भिन्नता से साबित होता है कि प्रमाण पत्र त्रुटिपूर्ण लगाया गया है और विभाग को गुमराह करते हुए कूटचरित अभिलेख से नौकरी हथिया ली है। ऐसे में तीनों की सेवाएं समाप्त कर दी गई और खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर रिपोर्ट दें।

विभाग में सहायक अध्यापक भर्ती के तहत करनैलगंज ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय सरैंया प्रथम में सहायक अध्यापक के पद दिनांक 23 सितम्बर 2014 को नियुक्त हुए उमेश कुमार की सेवा समाप्त की गई है।

बीएसए ने बताया कि शिक्षक बनने के लिए दिए गए अभिलेखों में टीईटी अनुक्रमांक 07051555 प्राप्तांक 102 अंक का विवरण था, पिता का नाम शारदा प्रसाद दर्शाया गया था। सत्यापन में पिता का नाम गोकरन त्रिवेदी पाया गया।

पिता के नाम में भिन्नता पर जवाब मांगा गया तो शिक्षक ने लिखित जवाब के साथ टीईटी प्रमाण पत्र अनुक्रमांक 13042721 प्राप्तांक 92 विवरण के साथ जमा किया।

इस प्रमाण पत्र का फिर से सत्यापन किया गया तो पिता का नाम रंगराज मिश्र प्रदर्शित हुआ। इस तरह टीईटी प्रमाण पत्र कूटरचित मिला। इसी तरह रुपईडीह ब्लाक के प्राइमरी स्कूल के सहायक अध्यापक राधेश्याम पुत्र गजाधर प्रसाद के टीईटी प्रमाण पत्र अनुक्रमांक 08016844 प्राप्तांक 96 का सत्यापन करने पर पिता का नाम केशव प्रसाद मिला।

जवाब में शिक्षक ने पक्ष प्रस्तुत किया लेकिन भिन्नता की स्थिति बनी रही। ऐसे ही इंटियाथोक के प्राइमरी स्कूल बगाही के सहायक अध्यापक राजू कुमार पुत्र श्रीपति लाल के टीईटी प्रमाण पत्र अनुक्रमांक 08017922 प्राप्तांक 93 के सत्यापन में भी पिता का नाम अशरफी लाल दर्शाया गया।

स्पष्टीकरण में पिता के नाम की भिन्नता के बारे में कोई साक्ष्य नही दे सके। बीएसए ने बताया कि इस तरह तीनों शिक्षकों के टीईटी प्रमाण पत्र कूटचरित मिले हैं। उनकी सेवाओं को समाप्त कर दिया गया है। इसके अलावा तीनों के विरुद्व एफआईआर दर्ज कराने के लिए संबंधित ब्लाक के खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है।

तीनों बर्खास्त शिक्षकों के निवास के पते पर सेवा समाप्ति का आदेश भेजा है और सेवा के दौरान वेतन व अन्य किए गए भुगतान वापस राजकोष में जमा करने का आदेश दिया गया है। बताया जा रहा है कि सेवा के दौरान करीब 70 लाख रुपये का भुगतान विभाग ने तीनों शिक्षकों को दिया जा चुका है।
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इटियाथोक में कार्यरत शिक्षक राजू कुमार अयोध्या जिले के मीरापुर बुलंदी राजघाट के निवासी हैं और राधेश्याम बीकापुर के केशरुआ बुजुर्ग के रहने वाले हैं।

इसी तरह करनैलगंज में कार्यरत उमेश कुमार गोरखपुर जिले के भगवानपुर टोला भखरा, थाना खजनी, सहजनवां के निवासी हैं। इनके पते पर आदेश भेज कर समस्त तरह के प्राप्त भुगतान राजकोष में जमा करने का आदेश दिया है। भुगतान जमा न करने पर राजस्व की तरह वसूली करने की चेतावनी दी है।
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