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अस्पताल आने वाली प्रसूताओं को मिलेगा गरमागरम पौष्टिक भोजन

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अस्पताल आने वाली प्रसूताओं को मिलेगा गरम पौष्टिक भोजन

गोंडा। अब जिला महिला अस्पताल व ब्लाकवार सामुदायिक स्वास्थ्य कें द्र पर आने वाली प्रसूताओं को नि:शुल्क गरमा गरम पौष्टिक भोजन मिलेगा।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम में प्रसूताओं को इस मुफ्त में खाना मुहैया कराने की व्यवस्था की गई है। इस व्यवस्था से अस्पताल आने वाले जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य में भी सुधार होगा।

भोजन की आपूर्ति की जिम्मेदारी महिला स्वयं सहायता समूहों को सौंपी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से समूहों के चयन के लिए सीडीओ से अच्छे व क्रियाशील समूहों की सूची मांगी गई है।
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जिले की मौजूदा समय में 36 लाख आबादी है। जिला अस्पताल व जिले के 16 विकास खण्डों में रोजाना करीब पांच सौ प्रसूताओं का आना होता है। कई बार महिलाओं को डिलीवरी से पहले व बाद में अच्छा पौष्टिक भोजन न मिल पाने से महिलाओं में कमजोरी व एनीमिया आदि की समस्या हो जाती है।

प्रसूताओं में कुपोषण के प्रकोप पनपने से कई बार जच्चा-बच्चा के जान को भी खतरा बन जाता है। देखने में आया है कि अधिकतर गर्भवती महिलाओं की सही तरीके से देखभाल न होने से उनमें कमजोरी व कुपोषण से खून की कमी हो जाती है,ऐसी महिलाओं को डिलीवरी के बाद और भी कमजोरी जकड़ लेती है।

प्रसूताओं को इन सब खतरे से बचाने के लिए शासन की ओर से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत प्रसूताओं को नि:शुल्क भोजन दिये जाने की व्यवस्था की गई है।

इस योजना से मध्यम व गरीब तबके की आधी आबादी को सबसे अधिक फायदा होने वाला है। प्रसूताओं में कभी कभी मौत हो जाने का बड़ा कारण भी महिलाओं में कुपोषण व कमजोरी बतायी जाती है।

इस बारे में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुवर्णा कुमार ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को समय से नियमित पौष्टिक भोजन दिये जाने के साथ उन्हें दलिया, फल आदि का अतिरिक्त आहार दिया जाना चाहिए।

इसकी कमी से महिलाओं में कमजोरी व खून के कमी की समस्या हो जाती है। उन्होंने बताया कि डिलेवरी के बाद भी पौष्टिक आहार दिया जाना चाहिए इससे जज्चा बच्चा दोनों ठीक रहते हैं।

जिला स्वास्थ्य समिति समूहों का करेगी चयन

गोंडा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला मुख्य विकास अधिकारी से खण्ड विकास अधिकारियों के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों की सूची मांगी है। किस ब्लाक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर किस समूह को चयनित किया जाना है।

इसको जिला स्वास्थ्य समिति तय करेगी। अच्छे व क्रियाशील होने के साथ शर्तों के मानकों को पूरी करने वाली समितियों को ही भोजन की आपूर्ति के लिए चयनित किया जाएगा।
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शासन की ओर से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जननी सुरक्षा कार्यक्रम में प्रसूताओं को जिला महिला अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर नि:शुल्क भोजन दिये जाने की व्यवस्था की गई है। भोजन की आपूर्ति अच्छे व क्रियाशील महिला समूहों से कराया जाना है। समूहों के चयन के लिए सीडीओ से ब्लाकवार अच्छे महिला समूहों की सूची मांगी गई है ताकि उन्हें इस काम को दिया जाए। इस व्यवस्था से प्रसूताओं को पौष्टिक आहार मिलने से प्रसूताओं के स्वास्थ्य में सुधार होगा।
- डॉ. एसके श्रीवास्तव, सीएमओ
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