गोंडा। आदेश के बावजूद अतिक्रमण कर बनाया गया पथिक होटल न ढहाने पर हाईकोर्ट ने देवीपाटन मंडल के आयुक्त और डीएम से जवाब तलब किया है। इस अवैध कब्जे के चलते जरवलरोड से गोंडा तक बन रहे 46 किमी लंबे फोरलेन रोड का निर्माण कार्य बड़गांव चौराहे पर अटका हुआ है।
हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने इस संबंध में सुलेहवा नौबरा के सामाजिक कार्यकर्ता राकेश कुमार तिवारी की याचिका पर इसी साल 20 मार्च को पथिक होटल ढहाने का आदेश दिया था। इसके बावजूद पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।
इस पर याची ने कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 20 अगस्त को आयुक्त एवं डीएम से सवाल किया कि आदेश का अनुपालन क्यों नहीं हुआ। जबकि जरवलरोड से गोंडा तक बन रहे 46 किमी लंबे फोरलेन रोड का निर्माण अतिक्रमण के कारण अटका हुआ है।
होटल न गिराए जाने से आसपास के करीब 150 कब्जेदार भी अतिक्रमण नहीं हटा रहे हैं। राकेश तिवारी अवमानना याचिका में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने इस मामले में अब तक की गई कार्रवाई के बारे 10 अक्टूबर तक जवाब देने को कहा है।
डीएम कैप्टन प्रभांशु श्रीवास्तव ने कहा कि न्यायालय का आदेश अभी नहीं मिला है। आदेश की प्रति मिलने पर उसका परीक्षण किया जाएगा और निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी। न्यायालय के आदेश का अनुपालन कराया जाएगा।
फोरलेन सड़क के साथ ही होटल का अवैध कब्जा बना बन मुद्दा
फोनलेन निर्माण के साथ ही अवैध भूमि से पथिक होटल ढहाए जाने का मामला मुद्दा बनता जा रहा है। हाईकोर्ट की ओर से जवाब मांगे जाने के बाद आंदोलन कर रहे लोग एक बार फिर तेवर दिखाने लगे हैं। इस संबंध में सुनील त्रिपाठी ने आयुक्त, डीएम व पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को पत्र लिखा है। उनका कहना है अवैध होटल को गिराने के बजाय उसे अभी तक बिजली-पानी की सुविधा दी जा रही है।