गोंडा। समायोजन रद्द होने के बाद सड़क पर उतरे शिक्षामित्रों का आंदोलन और तेज हो गया है। मंगलवार को सातवें दिन शिक्षामित्रों ने जिला पंचायत परिसर से कलेक्ट्रेट परिसर व दीवानी कचेहरी तक जुलूस निकाला और भीख मांगकर सरकार के रवैये के खिलाफ विरोध जताया।
जुलूस के बाद धरने को संबोधित करते हुए शिक्षामित्रों ने प्रदेश सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की और सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंप सहायक अध्यापक पद पर बहाली की मांग की। सहायक अध्यापक पद से समायोजन रद्द होने के बाद शिक्षामित्र पिछले सात दिनों से जिला पंचायत के सामने टिन शेड में धरने पर बैठे हैं।
मंगलवार को आंदोलन के सातवें दिन शिक्षामित्रों ने प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के मीडिया प्रभारी अवधेश मणि मिश्रा के नेतृत्व में जिला पंचायत स्थित धरनास्थल से जुलूस निकाला और भीख मांगकर सरकार के रवैये के के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
शिक्षामित्रों का जुलूस दीवानी कचेहरी से कलेक्ट्रेट होते हुए धरनास्थल पर वापस पहुंचा। यहां धरने को संबोधित करते हुए शिक्षामित्र नेताओं ने कहा कि शिक्षामित्रों के शांतिपूर्ण तरीके से किए जा रहे आंदोलन को सरकार में बैठे लोग हल्के में ले रहे हैं।
शिक्षामित्रों ने संघर्ष के बलबूते ही यह मुकाम हासिल किया था, लिहाजा शिक्षामित्र अपने हक की लड़ाई लड़ना जानते हैं। उन्होंने सरकार को चेताया कि अगर उनकी मांगों पर सरकार सकारात्मक रवैया नहीं दिखाती तो शिक्षामित्र अपना आंदोलन और तेज करेंगे। फिर इसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।