शिकायतों के निस्तारण में शिथिलता पर फंसे 28 अफसर
समीक्षा में खराब प्रगति मिलने पर डीएम ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। आईजीआरएस के तहत आने वाली जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतना अफसरों को मंहगा पड़ गया है। शनिवार को समीक्षा के दौरान लंबित शिकायतोें पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने 28 अफसरों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।साथ ही सभी लंबित शिकायती पत्रों को तीन दिन के भीतर निस्तारित करने का निर्देश दिया है।
आईजीआरएस पोर्टल पर विभिन्न विभागों की शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि जिला स्तर पर जिला पंचायतराज अधिकारी, परियोजना निदेशक, नगर पालिका, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड 2 व डीसी मनरेगा जनशिकायतों के निस्तारण में रुचि नही ले रहे हैं। इसके अलावा तहसील स्तर पर उपजिलाधिकारी सदर, करनैलगंज, मनकापुर एवं तरबगंज में भी शिकायतें लंबित पड़ी हैं। विकास खंड स्तर पर रूपईडीह,परसपुर,झंझरी, नवाबगंज, मुजेहना, तरबगंज व हलधरमऊ में भी शिकायतें लंबित हैं। इसी तरह पुलिस विभाग में कोतवाली नगर, इटियाथोक, करनैलगंज, छपिया, मनकापुर, वजीरगंज, कटरा बाजार एवं खोड़ारे थाने की प्रगति काफी खराब मिली। इस पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी जेबी सिंह ने संबंधित अफसराें को कड़ी फटकार लगाई और जनशिकायतों के निस्तारण में शिथिलता बरतने वाले इन सभी अफसरों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया हैं। डीएम ने तीन दिन के भीतर सभी शिकायती पत्रों के निस्तारण के निर्देश दिए हैं। समीक्षा बैठक में एडीएम त्रिलोकी सिंह,मुख्य राजस्व अधिकारी अरुण कुमार शुक्ल, अपर पुलिस अधीक्षक ह्दयेश कुमार व अन्य सभी विभागों के अफसर मौजूद रहे।