करनैलगंज (गोंडा)। क्षेत्र में 21 परिषदीय स्कूल के भवन जर्जर घोषित किये गये हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता ने क्षेत्र के 21 सरकारी स्कूलों के पुराने भवन की जांच करके मूल्यांकन किया है। जिसमें 17 भवन को निष्प्रयोज्य घोषित करते हुये तीन भवन की मरम्मत कराने व एक किराये के भवन की छत जर्जर होने की रिपोर्ट शिक्षा विभाग सहित अन्य अधिकारियों को भेजा है। 17 स्कूलों का निर्माण नए सिरे से किए जाने की जरूरत है। इन स्कूलों को ढहाने के बाद नए भवन बनाए जाएंगे। वहीं 4 स्कूलों का मरम्मत होना आवश्यक है।
खंड शिक्षाधिकारी आरपी सिंह ने बताया कि शिक्षा क्षेत्र करनैलगंज अंतर्गत नगर व ग्रामीण क्षेत्र के 21 परिषदीय स्कूलों के भवन जर्जर हो चुके हैं। इनमें से अब कुछ ही भवनों में शिक्षण कार्य हो रहा है। जिसकी रिपोर्ट पूर्व में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित जिले के अन्य अधिकारियों को भेजी गई थी। जिसका संज्ञान लेकर जिलाधिकारी ने भवनों की जांच करवाकर उन्हें निष्प्रयोज्य घोषित कराने का निर्देश विभाग के अधिकारियों को दिया था। जिस पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गोंडा ने लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता को भवनों की जांच करवाकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिये पत्र लिखा था।
उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराई गई रिपोर्ट के अनुसार प्राथमिक विद्यालय पूरे अंगद, भटपुरवा, टेंगनहा, बसेरिया, अल्लीपुर गोकुला, हनुमानगंज, करनैलगंज, जहांगीरवा, पचमरी, पारा, मोहम्मदपुर गड़वार, रुदौली, पूरे अजब, नरायनपुर साल द्वितीय, बरदहा, कंजेमउ प्रथम, हीरापुर कमियार के भवन पूरी तरह निष्प्रयोज्य हैं। एवं प्राथमिक विद्यालय गाड़ी बाजार नगर क्षेत्र जिस भवन में चल रहा है वह किराए का है तथा जर्जर हो चुका है। जिसे निष्प्रयोज्य घोषित किया गया है। वहीं प्राथमिक विद्यालय अख्तियारापुर, भटपुरवा एवं प्राथमिक विद्यालय बिबियापुर अवधूत नगर के पुराने स्कूल भवन की मरम्मत कराया जाना सामिल है। साथ ही दर्शाया गया है कि प्राथमिक विद्यालय गाड़ी बाजार बालक व बालिका का भवन किराए पर है, जिसकी छत जर्जर है। इसी भवन के प्रथम तल पर बालक व बालिकाओं का अध्यापन कार्य चल रहा है। जहां बच्चों को बैठाने लायक स्थिति नहीं है। भवन की व्यवस्था कराने की जरूरत बताई गई है।
ऑपरेशन कायाकल्प से स्कूलों को संवारने की कवायद
शासन ने जर्जर स्कूलों की दशा सुधारने का आदेश दिया है। इसके तहत पंचायतों में आपरेशन कायाकल्प से भवनों का मरम्मत कराया जा रहा है। मरम्मत के योग्य 4 ही स्कूल हैं, जिसमें ज्यादातर नगर क्षेत्र के हैं। अब नगर पालिका से स्कूलों के मरम्मत की कवायद होगी। इसके अलावा 17 बिल्कुल ढहाने लायक स्कूलों के स्थान पर नए भवन बनाए जाने की तैयारी शुरू होगी। इसके लिए जिले स्तर पर रिपोर्ट भेजी गई है।
जर्जर स्कूलों की रिपोर्ट मिली
विभाग को जर्जर स्कूलों के मूल्यांकन की रिपोर्ट मिल गई है। पंचायतों से समन्वयक करके स्कूल भवन के विकास के बारे में योजना तैयार कराई जाएगी। -आरपी सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी