करनैलगंज (गोंडा)। घाघरा का घट रहा जलस्तर बुधवार की शाम तक खतरे के निशान से नीचे था तो गुरुवार को एक बार फिर तेजी से जलस्तर बढ़ने लगा। दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। वहीं एल्गिन चरसड़ी बांध का रिंग बांध अंतिम दौर में है। करीब 20 मीटर बांध लगभग कट चुका है। जिसे पोकलैंड मशीन से भरने का काम चलाया जा रहा है। प्रशासन ने लगभग हाथ खड़े कर लिए हैं। मगर बांध की मरम्मत और बचाव कार्य जारी है।
जल स्तर के बढ़ने से बांध के लिए कम हो रहा खतरा और भी बढ़ गया है। घाघरा अब बांध के करीब डेढ़ सौ मीटर के हिस्से में कटान करने लगी है। घाघरा नदी का जलस्तर तेजी के साथ बढ़ रहा है। साथ ही ग्रामीणों के सहयोग से बनाये गया अस्थाई में करीब 150 मीटर से अधिक लंबाई में नदी तेजी के साथ कटान कर रही है।
कई स्थानों पर बांध का हिस्सा मात्र एक फिट के आसपास ही कटने को बाकी है। बांध में हो रही कटान को देखते हुए सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता विश्वनाथ शुक्ल, सहायक अभियंता अमरेश सिंह व अवर अभियंता एमके सिंह के साथ विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी बराबर बांध पर रात दिन मौजूद रहकर बचाव कार्य करवा रहे हैं। जिस तरह से नदी कटान कर रही है।
इसी प्रकार से बांध में लगातार कटान होती रही तो शुक्रवार तक बांध का कटना तय माना जा रहा है। गुरुवार की शाम को नदी खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। नदी अभी तक बांध के मात्र 25 मीटर हिस्से में कटान कर रही थी ,जो अब करीब डेढ़ सौ मीटर के हिस्से में कटान करने लगी है। जिसे बचा पाना बेहद मुश्किल होता जा रहा है। अनुमान यही लगाया जा रहा है कि अब बांध को बचा पाना मुमकिन नहीं होगा।
पीएसी व एनडीआरफ की टीम की तैनाती के निर्देश
करनैलगंज। आखिरकार प्रशासन ने अपने हाथ खड़े कर लिए हैं। बांध का बचाव कार्य व बांध की स्थिति अंतिम दौर में है। वहीं एडीएम रत्नाकर मिश्रा ने तहसील के अधिकारियों को जारी पत्र में कहा है कि ग्राम नकहरा के सामने एल्गिन चरसड़ी बांध अंतिम दौर में है। बांध क्षतिग्रस्त होने के बाद गांव में पानी फैल सकता है। ग्रामीणों के लिए राहत व बचाव कार्य की सभी तैयारियां तत्काल प्रभाव से पूरी कर ली जाएं।
ग्रामीणों के लिए सुरक्षित स्थान पर प्रकाश की व्यवस्था एवं शौचालय आदि की व्यवस्था पूरी करने के साथ ही आवश्यकता अनुसार गांव में जल पीएसी या एनडीआरएफ की टीम को तैनात किया जाए। एसडीएम करनैलगंज गुलाम सरवर का कहना है कि लगातार बांध पर मरम्मत कार्य के साथ निगरानी कार्य कराया जा रहा है।
छह गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
नवाबगंज। बाढ़ के पानी में ठहराव आने से नदी ने कटान तेज कर दी है। क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बाढ़ प्रभावित गांव दुर्गागंज माझाराठ, जैतपुर, साकीपुर, दत्तनगर, ढेमवा घाट, ब्यौदा माझा गांव में सरयू नदी ने कटान तेज कर दिया है।
अयोध्या स्थित केन्द्रीय जल आयोग चौकी की मानें तो नदी का जलस्तर 92:650 पर ठहरा हुआ है, पर भारी बरसात होने से नदी के जलस्तर में वृद्धि हो सकती है। नवाबगंज के कानूनगो विवेक सिंह ने गुरुवार को बाढ़ चौकी चौखड़िया, कटरा, पटपरगंज पर जाकर बाढ़ की जानकारी ली तथा बताया कि एसडीएम सौरभ भट्ट के निर्देशानुसार सभी चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है।