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एसटीएफ ने संदिग्ध मानकर उठाया, एसपी ने दी क्लीन चिट

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एसटीएफ ने संदिग्ध मानकर उठाया, एसपी ने दी क्लीन चिट
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गोंडा। कोतवाली नगर क्षेत्र के रानी बाजार स्थित इजाहाबाद बैंक की शाखा में हुई 50 लाख रुपये की लूट व गार्ड की हत्या के मामले में जिन पांच संदिग्धों को एसटीएफ ने उठाया था उन्हें बुधवार को पुलिस अधीक्षक ने क्लीनचिट देते हुए छोड़ दिया।

लूटकांड की जानकारी देने के लिए बुलाई गई प्रेस कांफ्रेंस में एसपी ने कहा कि पकड़े गए युवकों ने बैंक की रेकी तो की थी लेकिन लूट में शामिल नहीं थे। उन्होंने दावा किया कि किसी निर्दोष को नहीं फंसने दिया जायेगा।
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कोतवाली नगर क्षेत्र के रानी बजार स्थित इलाहाबाद बैंक की शाखा से बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने 10 अक्तूबर की शाम को बैंक के गार्ड की गोली मारकर हत्या कर दी थी और 50 लाख रुपये से भरा कैशबाक्स लूट लिया था।

बदमाशों का पता लगाने में विफल हुई पुलिस की किरकिरी के बाद इसके खुलासे के लिए एसटीएफ को लगाया गया था। एसटीएफ ने दो लोगों को सुल्तानपुर व जिले के तीन संदिग्ध लोगों को उठाया था, लेकिन नौ दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस या एसटीएफ की टीम किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।

इस घटना को लेकर हो रही बदनामी पर सफाई देने के लिए बुधवार के पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार सिंह ने प्रेस काफ्रेंस बुलाई। इस प्रेस काफ्रेंस में वह एसपी कम दार्शनिक अधिक नजर आए। उन्हाेंने कहा कि वह रहें न रहें, लेकिन लूट की इस घटना में किसी भी निर्दोष को नहीं फंसाया जाएगा।

एसपी ने पहले हुई बैंक लूट की घटनाओं के खुलासे पर भी सवाल खड़ा किया। अपने पूर्ववर्ती अफसरों पर फर्जी खुलासा करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि अगर पहले सही खुलासा होता तो आज यह घटना नहीं होती।
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एसपी ने एसटीएफ द्वारा पकड़े गए पांच संदिग्धों को भी निर्दोष बताकर छोड़ दिया। एसपी ने कहा कि पकड़े गए लोगों ने बैंक की रेकी तो की थी लेकिन बैंक लूट में शामिल नहीं थे। लुटेरों को पकड़वाने के लिए घोषित की गई इनाम की धनराशि बुधवार को बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई।
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