गोंडा। बच्चे हों या फिर बड़े। पेट में कीड़े होने पर इन्हें कई रोग घेर लेते हैं। ऐसे में लोगों को इससे निजात दिलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग और बाल विकास विभाग की ओर से राष्ट्रीय कृमि मुक्त अभियान चलाया जायेगा। जिसमें जिले के 16 लाख बच्चों को कीड़े मारने की दवा खिलाई जायेगी।
आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर घर जाकर बच्चों को पेट के कीड़े मारने की दवा एल्बेंडाजॉल खिलाएंगी। ये अभियान सात अक्तूबर तक चलेगा। इसे सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग संयुक्त रूप से प्रयासरत हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के नोडल डॉ. मलिक आलमगीर ने बताया कि उत्तर प्रदेश के 45 जिलों में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान सोमवार से शुरू हुआ है। ये अभियान सात अक्तूबर तक चलेगा। उन्होंने बताया कि कोरोना के कारण आंगनबाड़ी केंद्र और स्कूल आदि बंद हैं। ऐसे में इस बार आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मदद से एक वर्ष से 19 तक के बच्चों व बड़ों को एल्बेंडाजॉल की दवा घर-घर जाकर खिलाई जाएगी।
किसी भी अभिभावक को यह टैबलेट रखने या बाद में खिलाने के लिए नहीं देनी है। ये दवा आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के सामने ही बच्चों को खिलानी है। डॉ. मलिक ने बताया कि कोविड 19 के संक्रमण के चलते सभी फ्रंट लाइन कार्यकर्ताओं को खास प्रोटोकाल का पालन करने के निर्देश दिये गए हैं। अभियान में लगे सभी स्वास्थ्यकर्मी मास्क पहनने के साथ शारीरिक दूरी का पालन करते हुए बच्चों को दवा खिलाएंगे। उन्होंने बताया कि ज्यादा छोटे बच्चों को टैबलेट चूरा बनाकर पानी के साथ खिलाया जाएगा। बड़े बच्चों को दवा चबा-चबाकर ही खानी है।
बीमार बच्चों को न खिलाएं दवा
डीसीपीएम डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि किसी भी तरह की बीमारी होने पर बच्चे को एल्बेंडाजॉल टैबलेट नहीं खिलानी है। यदि किसी भी तरह उल्टी या मिचली महसूस होती है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। पेट में कीड़े ज्यादा होने पर दवा खाने के बाद सिरदर्द, उल्टी, थकान होना या चक्कर आना एक सामान्य प्रक्रिया है। दवा खाने के थोड़ी देर बाद सब सही हो जाता है। फिर भी किसी तरह की परेशानी हो तो मुफ्त एंबुलेंस सेवा के टोल फ्री नंबर 108 से मदद ले सकते हैं।