गोंडा। पुलिस व रोडवेज कर्मी के बीच उपजे विवाद के कारण शुक्रवार की दोपहर रोडवेज बस स्टेशन के पास रोजवेज चालकों ने चक्का जाम कर दिया। करीब आधे घंटे तक गोंडा-बहराइच मार्ग अवरुद्घ रहा।
प्राइवेट बस चालक को संरक्षण देने का आरोप रोजवेज चालकों ने लगाया है। मामले को तूल पकड़ता देकर वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले में हस्तक्षेप कर सुलह समझौता कराया गया तब जाकर जाम हटा।
कर्नलगंज पुलिस पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए शुक्रवार की दोपहर बाद गोंडा बस स्टेशन के सामने करीब आधे घंटे तक बसों को तिरछा खड़ा कर रास्ता जाम कर दिया गया। गोंडा से आनंद विहार (दिल्ली) जाने वाली गोंडा डिपो की बस संख्या यूपी 43टी/7721 जब कर्नलगंज चैराहे पर पहुंची तो वहां किसी प्राइवेट बस चालक से सवारी बैठाने को लेकर कहा सुनी हो गई।
बताते हैं कि इस पर मौके पर यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए तैनात सिपाही व होमगार्डों ने प्राइवेट बस चालक का पक्ष लिया तो सरकारी बस चालक से उनकी भी कहा सुनी हो गई। इसके बाद उन्होंने सूचना देकर कोतवाली से पुलिस को बुलवा लिया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम रोडवेज बस चालक परिचालक शंकर दयाल, रणधीर कुमार को कोतवाली ले गई।
इसकी सूचना गोंडा डिपो पर मिलते ही रोडवेज के चालक परिचालक आक्रोशित हो गए। उन्होंने अपनी बसों को सड़क पर आड़ी तिरछी लगाकर आवागमन पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया। खबर जब उच्च अधिकारियों को मिली तो उन्होंने हस्तक्षेप कर चालक परिचालक को कोतवाली से छोड़वाया।
कर्नलगंज के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि रोडवेज बस के चालक परिचालक ने ड्यूटी पर तैनात गार्डों से अभद्रता की थी। इसलिए उन्हें कोतवाली लाया गया था। उनके द्वारा भविष्य में ऐसी गलती न किए जाने के लिखित माफीनामे के बाद चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है।