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राडार पर रहेंगे अनाज ढुलाई वाले वाहन

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गोंडा। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वितरित किए जाने वाले अनाज की ढुलाई अब राडार पर रहेगी। अनाज गलत स्थान पर न पहुंच जाए इसके लिए ट्रकों को जीपीएस से लैस किया जाएगा। शासन के निर्देश पर एफसीआई से अनाज लेकर निकलने वाले 55 ट्रकों पर जीपीएस लगाने का काम शुरू कर दिया है।
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इस काम का जिम्मा मिण्डा कंपनी को दिया गया है। इससे अब जिले के अलावा खाद्य एवं रसद विभाग मुख्यालय के आला अधिकारी भी ऑनलाइन निगरानी कर सकेंगे। भारतीय खाद्य निगम की ओर से हर माह जिले के 5.50 लाख राशन कार्डधारकों को अनाज की आपूर्ति की जाती है।


अनाज का भारतीय खाद्य निगम के बफर गोदाम से उठाकर ब्लॉकवार गोदाम में जमा किया जाता है। यहीं से ग्राम पंचायतवार कोटेदार अनाज का वितरण किया जाता है। पिछले साल जिले में करीब एक करोड़ रुपये के अनाज घोटाले का भंडाफोड़ हुआ था।
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अधिकारियों कर्मचारियों की मिलीभगत से चलने वाले सिंडीकेट का पता लगने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारी रहे जेबी सिंह, जिला विपणन अधिकारी अजय विक्रम सिंह व डीएसओ को सस्पेंड कर दिया था। इतना ही नहीं करोड़ों रुपये के अनाज डंप किये जाने की सूचना न देने के आरोप में पूर्ति निरीक्षक महेश प्रसाद व झंझरी ब्लॉक गोदाम के प्रभारी/विपणन निरीक्षक भारत सिंह को शासन ने निलंबित कर दिया था।


अब अनाज ढुलाई वाले ट्रकों में जीपीएस लग जाने के बाद अधिकारियों के लिए किसी भी ब्लॉक के लिये एफसीआई से निकलने वाले ट्रकों की लोकेशन को ट्रेस करना आसान होगा। कम्पनी की ओर से ट्रकों के मय नम्बर, ब्लॉक के अलावा उनके आने जाने वाले रूट को इंस्टाल किया जा रहा है। जैसे ही कोई अनाज लेकर जा रही ट्रक तय रोड से अलग जाएगी या फिर कहीं खड़ी होगी तो इसकी जानकारी कंट्रोल रूम व अधिकारियों को हो सकेगी।
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