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फोरलेन निर्माण में रोड़ा बने होटल समेत 35 मकान हुए जमींदोज

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गोंडा। जरवलरोड से गोंडा तक बनने वाले फोरलेन निर्माण में बाधा बने अतिक्रमण हटाओ अभियान के दूसरे दिन बहुचर्चित पथिक इन होटल के दस कमरों के साथ ही 35 अवैध कब्जे जमीदोंज हो गए। शुक्रवार को अवैध कब्जा हटाने का कार्य शुरू हुआ था लेकिन जेसीबी और पोकलैंड के देर से आने के कारण अतिक्रमण हटाने में तेजी नहीं आ सकी। सभी की निगाहें अन्य 103 अवैध मकानों दुकानों के अलावा चार मंजिला पथिक होटल पर थीं, लेकिन देर शाम तक अभियान बंद होने तक 11 दुकानों के साथ ही होटल को आंशिक ही तोड़ा जा सका। शनिवार को होटल ढहाने के लिए प्रशासन ने पोकलैंड मशीन लगाई, तब जाकर होटल के कमरे ढहने शुुरू हुए। करीब दो करोड़ की कीमत के इस होटल को गिराने के लिए प्रशासन को स्थानीय न्यायालय से लेकर हाईकोर्ट तक अपना पक्ष रखना पड़ा और होटल मालिका की याचिका खारिज होने के बाद ही होटल ढहाने की कार्रवाई हो सकी। शनिवार को आखिरकार होटल का अस्तित्व खत्म होना तय हो गया है। देर शाम तक उसके दस से अधिक कमरे धराशाई किए जा चुके हैं।
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जरवलरोड से गोंडा तक फोरलेन रोड का निर्माण होटल समेत 103 अवैध कब्जे से फंसा था। अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए वर्ष 2011 में अभियान शुरू हुआ लेकिन होटल मालिक राकेश अग्रवाल की तरफ से हाईकोर्ट से स्टे हासिल कर लिए जाने से अभियान रुक गया था। 8 सालों तक स्टे लगा रहा। इसी के सहारे अन्य 103 कब्जेदार भी अतिक्रमण हटाने को तैयार नहीं थे। हाईकोर्ट से स्टे खारिज होने के बाद प्रशासन ने सप्ताह भर की मोहलत देकर शुक्रवार को अभियान शुरू किया।

अभियान को प्रभावित करने के कई तरह के दांवपेंच भी हुए लेकिन सभी दांव इस बार उल्टे पड़े। शनिवार को पोकलैंड के साथ ही जेसीबी ने अभियान तेज किया तो देखते ही देखते होटल का एक-एक मंजिला की मकान गिरने लगीं। शाम तक होटल के 10 कमरों को पोकलैंड ने ढहा दिया और उसी पर वह चढ़ता चला गया। इस मशीन की खासियत यह है कि होटल के ही मलबों से यह अतिक्रमण हटाने का रास्ता बनाता है।
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फिर उसे मलबे से ऊंचा करते हुए चौथे मंजिल तक पहुंचकर गिरना शुरू करता है। शाम तक वह चौथे मंजिला को तोड़ना शुरू किया लेकिन रात होने से काम रोकना पड़ा। बताया जा रहा है कि रविवार को होटल को ढहाने से ही कार्य की शुरुआत होगी और चार से पांच घंटे होटल को जमींदोज करने में लगेंगे। दो दिनों में 46 दुकान और मकानों को हटाया जा चुका है। अभी 57 मकानों को ढहाया जाना है। सोमवार तक पूरा क्षेत्र अतिक्रमण मुक्त होने का दावा है।

अभियान से यात्रियों को हुई परेशानी
शहर के स्टेशन रोड पर अवैध अतिक्रमण हटाए जाने के अभियान से बड़गांव पुलिस चैकी से जय नरायन चैराहे पर दूसरे दिन भी यातायात पूरी तरह से अवरुद्ध रहा। यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। अतिक्रमण हटने से एक तरफ जहां लोग संतुष्ट हैं, वहीं दूसरी तरफ पीडब्ल्यूडी की लापरवाही से लोग खफा भी दिखे। मशीनों के समय से न आने से अतिक्रमण हटाने में तेजी दोपहर बाद ही आ पाई। एसडीएम डॉ. नितिन गौर ने बताया कि सूर्यास्त होने तक अभियान जारी रहा। स्टेशन रोड़ पर आवागमन बंद किए जाने के कारण लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा है। स्टेशन रोड पर चलने वाले टैंपो सोनी गुमटी से शहर आने जाने पर 10 रुपये के स्थान पर यात्रियों से 40 से 50 रुपये वसूल रहे हैं।

दूसरे तरफ के दुकानदारों को आज तक की मोहलत
सड़क के दूसरे तरफ के अतिक्रमण को छुआ नहीं गया है। लोक निर्माण विभाग ने इन्हें रविवार तक का समय दिया है। इसी रफ्तार से अतिक्रमण हटाने में अभी कुछ दिन लगने की संभावना है। रविवार तक दुकानदारों ने खुद से अतिक्रमण न हटाया तो फिर अवैध रूप से बनीं 19 दुकानों को हटाने का कार्य शुरू होगा। नगर मजिस्ट्रेट राकेश कुमार ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के लिए स्टेशन रोड़ पर व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। कई स्थानों पर बैरीकेडिंग करके आवागमन को नियंत्रित किया जा रहा है। मौके पर एसडीएम सदर, अतिरिक्त उप जिलाधिकारी ज्ञान चन्द्र गुप्ता, क्षेत्राधिकारी सदर महावीर सिंह, नायब तहसीलदार इवेन्द्र कुमार, राजस्व निरीक्षक कैलाश सिंह, अशोक सिंह व विभागीय अभियंता आदि मौजूद रहे।
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