मसकनवा (गोंडा)। कस्बे के उत्तरी छोर पर बीपी महाविद्यालय के निकट सरयू नहर खंड चार की दाहिनी पटरी कट जाने के कारण सैकड़ों बीघा जमीन जल मग्न हो गयी। इतना ही नहीं नहर का पानी गांव में भी घुस गया। मंगलवार की शाम नहर की पटरी पर हल्का रिसाव शुरू हुआ और तेज बहाव के कारण देर रात तक नहर की पटरी का बड़ा हिस्सा टूट गया। जिसमें पानी का बहाव रानीजोत के मजरे सहित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, प्राथमिक विद्यालय, जूनियर विद्यालय और निर्मल नीर योजना के तहत लगी टंकी तक पहुंच गया।
रात में ही ग्रामीणों ने नहर कटने की सूचना स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों व नहर विभाग के अधिकारियों को दी। रात में नहर विभाग के जेई अनुग्रह राय मौके पर पहुंच कर मुआयना किया। नहर की पटरी कटने से कौशल किशोर, राधेरमण, चंद्रमणि, जग नारायण, वासुदेव, कल्लू, निहोरे, गजई गुप्ता, दयाराम, दरगाही, विजय के खेतों में जलभराव हो गया। गन्ने और सब्जियों की फसलें डूब गईं। रानीजोत के जूनियर विद्यालय के निकट मजरे में रिहायशी इलाकों के किनारे जल भराव हो गया।
तेजी से पानी का बहाव बढ़ने से लोगों के घरों में पानी पहुंचने लगा है। जिससे पप्पू का मढ़हा गोलू के घर में रखा बिस्तर, गेहूं, चावल आटा सहित गृहस्थी का अन्य सामान डूब गया। शिव नारायण और राम अजोर का भूसा, लक्ष्मी नारायण का पंपिंग सेट पानी में डूब गया। नहर विभाग की लापरवाही के कारण लोगों में काफी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यदि विभाग द्वारा रात में ही उचित कदम उठाया गया होता तो। जलभराव से हुये नुकसान को रोका जा सकता था। समाचार लिखे जाने तक नहर की कटी पटरी की मरम्मत नहीं हो सकी थी। तेज गति से पानी का बहाव बाजार की तरफ हो रहा है। लेखपाल शिवकुमार पांडे ने बताया कि नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।