7.81 लाख के अनियमित भुगतान की रिकवरी के आदेश
गोंडा। पंडरी कृपाल की ग्राम पंचायत नरौरा अर्जुन में अनियमित भुगतान का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। एक साल पहले हुई जांच में शासकीय धन का दुरुपयोग होने के बाद भी रिकवरी नहीं हुई।
पंचायत में 7.81 लाख 620 रुपये की रिकवरी न होने की शिकायत पर आयुक्त ने निर्देश दिया फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामला हाईकोर्ट पहुंचने पर निदेशक पंचायती राज ने भी निर्देश जारी किया।
जिला पंचायत राज अधिकारी ने आयुक्त एवं निदेशक के आदेश पर रिकवरी के लिए दोनों जांच अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। उनका कहना है कि रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
पंडरी कृपाल के नरौरा अर्जुन ग्राम पंचायत की जांच में वित्तीय अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की संस्तुति हुई थी। मामले में 22 दिसंबर 2017 को जिलाधिकारी ने पंचायत का वित्तीय अधिकारी रोक दिया था और तीन सदस्यीय समिति गठित की थी।
मामले में 7.081 लाख 620 रुपए की रिकवरी की मांग नरौरा अर्जुन के विनोद कुमार ने किया और आयुक्त को शिकायत दी। आयुक्त ने इस पर जिलाधिकारी को निर्देश भी दिया।
फिर भी रिकवरी न होने पर पंचायत के कामकाज के संचालन के लिए बनी समिति में शामिल सदस्यों ने भी निदेशक से मांग किया कि अनियमित रुप से निकाली गई धनराशि की रिकवरी कराई जाए।
समिति में गांव के राम जियावन, बड़का, विकास शामिल रहे और उनकी मांग पर निदेशक ने भी 27 अगस्त 2018 को जिलाधिकारी को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा। आयुक्त स्तर से भी आदेश जारी हुए।
बावजूद इसके अभी तक रिकवरी नहीं की गई। शिकायतकर्ता विनोद कुमार का कहना है कि रिकवरी के मामले में जानबूझकर लापरवाही की जा रही है। जांच समिति की ओर से रिकवरी की संस्तुति के बावजूद भी रिकवरी की कार्रवाई अभी तक शुरू नही हो पाई है।
अब एक बार फिर जिला पंचायत राज अधिकारी ने मामले की पूरी जांच रिपोर्ट जिला भूमि संरक्षण अधिकारी व अधिशाषी अभियंता लघु सिंचाई से मांगा है। दोनों अधिकारियों को सोमवार को जांच रिपोर्ट मांगे जाने का पत्र मिल गया है। एक दो दिन में रिकवरी के लिए जांच रिपोर्ट जिला पंचायत राज अधिकारी को मिलने की संभावना जताई जा रही है।
फिर हाईकोर्ट में गुहार लगाने की हो रही है तैयारी
पंडरी कृपाल के ग्राम पंचायत नरौरा अर्जुन में रिकवरी में देरी पर गांव के विनोद कुमार ने फिर से हाईकोर्ट में जाने की बात कही है। उनका कहना है कि उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद भी रिकवरी की कार्रवाई न होना चौकाने वाला है। जल्द से जल्द रिकवरी की कार्रवाई न हुई तो फिर हाईकोर्ट की शरण में जाएंगे।
इनसेट
पंडरी कृपाल के नरौरा अर्जुन मामले में दोनों जांच अधिकारियों से अंतिम रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने पर अध्ययन करके निर्णय लिया जाएगा।
-घनश्याम सागर, जिला पंचायत राज अधिकारी