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1.25 करोड़ की सीटी स्कैन मशीन खराब,निराश लौट रहे मरीज

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सवा करोड़ की सीटी स्कैन मशीन एक महीने से खराब

गोंडा। जिला अस्पताल में मरीजों को सस्ते इलाज का दावा छलावा साबित हो रहा है। अस्पताल में मरीजों को मुफ्त जांच के लिए लगाई गई 1.25 करोड़ की कीमत वाली सीटी स्कैन मशीन पिछले एक माह से खराब पड़ी है।

सीटी स्कैन का खर्च निजी अस्पतालों में काफी मंहगा है जिससे गरीब तबके के लोग अक्सर पैसे के अभाव में सही जांच नहीं करा पाते और उन्हें अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है।
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ऐसे वर्ग के लोगों को मुफ्त जांच की सुविधा मिल सके इसके लिए वर्ष 2005 में करीब 1.25 करोड़ रुपये की लागत से जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन लगाई गई थी। जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा मिलने से यहां आने वाले मरीजों को काफी राहत मिली थी।

मगर यह मशीन पिछले 3 फरवरी से खराब पड़ी है। इसकी सूचना विभाग के मुखिया समेत अन्य अफसरों को है मगर मशीन को ठीक कराने की दिशा में कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है।

मशीन खराब होने से सीटी स्कैन के लिए अस्पताल में आने वाले मरीजों को निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है। कोतवाली देहात क्षेत्र के बेसिया चैन गांव के रहने वाले संतोष कुमार ने बताया कि उनके भतीजे गोविंद के सिर का सीटी स्कैन कराने के लिए डॉक्टर ने सलाह दी थी। वह पिछले एक सप्ताह से सीटी स्कैन कराने के लिए अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं मगर सीटी स्कैन नहीं हो पा रहा है।

दो साल से खराब है पांच लाख की आटो एनालाइजर मशीन

गोंडा। अस्पताल की खामियों पर अफसरों की जागरूकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एचआईवी की सूक्ष्म जांच के लगाई गई आटो एनालाइजर मशीन भी पिछले दो वर्ष से खराब है मगर जिम्मेदार अफसर इससे बेखबर हैं। अफसरों की बेरुखी से पांच लाख रुपये की कीमत वाली यह मशीन भी निष्प्रयोज्य होकर धूल फांक रही है।
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इनसेट
मशीन पिछले तीन फ रवरी से खराब है। इसकी सूचना वह मुख्य चिकित्साधिकारी को दे चुके हैं। मशीन खराब होने से मरीजों का सीटी स्कैन नहीं हो पा रहा है।
अनिल कुमार श्रीवास्तव, टेक्नीशियन

इनसेट
सीटी स्कैन या अन्य किसी मशीन के खराब होने की जानकारी नहीं है। न ही इस संबंध में कोई सूचना मिली है। फिलहाल निरीक्षण कर इसकी सत्यता का पता लगाया जाएगा और अगर मशीन खराब है तो उसे तत्काल ठीक कराया जाएगा।
डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्साधिकारी
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