फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाढ़ से 150 गांव जलमग्न

Wed, 27 Jul 2016 10:55 PM IST
Amar ujala Bureau
विज्ञापन
बाढ़ - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
लगातार बढ़ रहा राप्ती का जलस्तर जिले में भारी तबाही मचा रहा है। बुधवार शाम नदी खतरे के निशान से 25 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। कई गांवों में लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजने के लिए नाव लगा दी गई है। बाढ़ के चलते कई मार्गों पर आवागमन या तो ठप है या फिर लोग जान जोखिम में डालकर निकल रहे हैं।
विज्ञापन


सैकड़ों एकड़ फसल तथा पशुओं का चारा पानी में डूब गया है। बाढ़ से अब तक जिले के करीब 150 गांव प्रभावित हो चुके हैं। नदी के जलस्तर में अभी और वृद्धि होने की आशंका जताई जा रही है।

विदित हो कि पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश के चलते जिले में पहाड़ी नालों के साथ-साथ राप्ती नदी का जलस्तर उफान पर है। नदी का जलस्तर बुधवार शाम खतरे के निशान 104.620 मीटर से 25 सेेंटीमीटर बढ़कर 104.870 मीटर पर पहुंच गया है। बाढ़ के चलते सदर, तुलसीपुर तथा उतरौला तहसील क्षेत्र के करीब 150 गांव प्रभावित हैं।
विज्ञापन


सबसे बुरी स्थिति सदर तथा उतरौला तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों की है। मथुरा बाजार-कोड़री तथा कोड़री-ललिया मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया है। गौरा चौराहा-तुलसीपुर मार्ग भी बाढ़ के चलते बाधित है। चौका कला, कोड़री, सेमरहना, टेंगनहिया मानकोट, रामनगर, रजवापुर, सिंघवापुर, भुसैल आदि गांव बाढ़ के चलते टापू बन गए हैं।

उतरौला तहसील क्षेत्र के परसौना गांव से 20 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। कई घरों के चूल्हे बुझ गए हैं। क्षेत्र के बिरदा बनियाभारी, गिमौली, बाघाजोत, पाला, पालीपुर, अल्लीपुर बुजुर्ग, बरायल, जनुका, फत्तेपुर, रुस्तमनगर, कटरा, बभनपुरवा, चंदापुर, पचौथा, चुचुहिया, महुवाधनी, लखमा, मंझारी आदि गांव भी बाढ़ के चलते टापू बन गए हैं। कई परिवार घर छोड़कर अपने रिश्तेदारों व मित्रों के यहां शरण लिए हुए हैं। पहाड़ी नालों की बाढ़ के चलते भी भारी तबाही मची हुई है।

भरिया, माधवनगर, इमिलिया खादर, पियरिया, जमुनी, बरगदवा, सोहन, वीरपुर, देवलता, भगवानपुर खादर, साखीरेत आदि गांव चारों तरफ पानी से घिरे हैं। गैसड़ी क्षेत्र में भांभर पहाड़ी नाले की बाढ़ के चलते जमुवरिया-कल्लूडीह गांव जाने वाली सड़क पानी में डूब गई है। इससे क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोगों का आवागमन ठप हो गया है। बखरकोटवा गांव के पास भांभर नाले की बाढ़ से भारी कटान हो रही है।

बाढ़ के चलते प्रभावित गांवों में करीब 10 हजार हेक्टेअर धान, दलहनी व गन्ने की फसल पानी में डूब गई है। मवेशियों के समक्ष चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। उतरौला तहसील क्षेत्र के प्रभावित गांवों में आठ नावें मदद के लिए लगाई गई हैं। बाढ़ के चलते सैकड़ों परिषदीय स्कूलों में पठन-पाठन भी ठप है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें