घाघरा ने एल्गिन-चरसडी बांध पर जमकर कहर बरपाया। शुक्रवार को कटान की जद में आए बांध के दोनों नोज समेत करीब 150 मीटर मुख्य बांध का हिस्सा नदी में समा गया। बांध के दोनों छोर पर कटान तेज हो गई। बाढ़ के पानी ने क्षेत्र के पांच नये गांवों को आगोश में ले लिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि बांध ऐसे ही कटता रहा तो आने वाले समय में बाढ़ की स्थिति विकराल हो सकती है। गुरुवार रात में घाघरा का पानी करनैलगंज क्षेत्र के पांच नये गांवों में घुस गया। वहीं जो गांव पानी से खाली हो रहे थे उसमें एक बार फिर से बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है।
ग्राम बहुवन मदार मांझा के मजरा बाबा मांझा, शिवगढ़ में पानी घटने लगा था तथा बाढ़ की स्थिति लगभग समाप्त होने को थी। शुक्रवार को पानी का फैलाव तेज होने से दोनों गांवों में पुन: पानी भर गया। वहीं भीम पुरवा, गोड़ियन पुरवा, मदन पुरवा, प्रधान पुरवा, धु्रवराजपुरवा, राम चंदर पुरवा पूरी तरह पानी से घिर गए है। देर शाम तक पानी गांवों में घुसने लगा था।
दूसरी ओर घाघरा का बांध पर कहर जारी है। कट-वन एवं टू बांध के दोनों छोर नदी के निशाने पर आ गये हैं। दोनों तरफ बांध के नोज पूरी तरह कटकर नदी में समा चुके हैं। करीब 150 मीटर दूरी में बांध में कटान लगी हुई है। बांध का हिस्सा धीरे-धीरे करार लेकर नदी में समाता जा रहा है।
रिंग बांध को बचाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है जिससे लगातार रिंग बांध का हिस्सा कटकर धारा में जा रहा है। प्रतिदिन करीब 10 मीटर हिस्सा नदी में जा रहा है। यदि इसी तरह बांध का हिस्सा कटकर नदी में समाता रहा तो ग्राम नकहरा व काशीपुर के सामने बाढ़ की स्थिति बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
मौके पर सिंचाई विभाग के अधिकारी विश्वनाथ शुक्ला, अमरेश सिंह सहित अन्य अधिकारी बांध को बचाने के लिए ब्रिक रोरा, तार के जाल में बालू की बोरियां, रस्सी में बांध कर पेड़ की डाल को नदी में फेंक कर कटान को रोकने की जद्दोजहद में लगे रहे।
बांध के किनारे बसे लोगों के लिए एक घड़ियाल मुसीबत बन गया है। ग्राम कमियार के निकट शुक्रवार को एक बड़ा घड़ियाल पानी से निकल कर बांध के ऊपर आ गया। उसके बाद लोगों की भीड़ जमा होने पर बांध के नीचे बैठा रहा। ग्राम वासी रामनेवाज यादव, पप्पू, द्रिगपाल आदि ने बताया कि बाढ़ से प्रभावित लोग बांध पर रह रहे हैं तथा घड़ियाल उसी बांध के पास लगातार बैठा है। जिसकी सूचना लेखपाल के माध्यम से दी गई मगर कोई अधिकारी मौके पर नहीं आया।
एसडीएम अर्चना वर्मा ने बताया कि बाढ़ से प्रभावित अधिकांश मजरों में पानी समाप्त हो चुका है। बहुवन मांझा के कुछ मजरे पानी से घिरे हैं जहां लगातार निगरानी कराई जा रही है। नावें भी लगी हुई है। बाढ़ से बचाव के लिए कर्मचारी मौके पर जुटे हुए हैं। लगातार स्वास्थ्य एवं राजस्व विभाग के कर्मचारी गांव में काम्बिंग कर रहे है।
उधर, खोड़ारे में बस्ती जनपद के भदेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए के गुरुवार को सरयू से जल लाने अयोध्या गया एक कांवरिया तट पर पैर फिसलने के कारण सरयू नदी में डूब गया। गोताखोर उसे तलाशने में जुटे हैं। मगर शुक्रवार की देर शाम तक कामयाबी नहीं मिली।
साथी कांवरियों ने इसकी सूचना कांवरिया किशोर के घर पर दी तो वहां कोहराम मच गया। थाना खोड़ारे क्षेत्र के गाजीपुर गांव के ग्राम प्रधान जावेद ने बताया कि गाजीपुर गांव के रहने वाले बालकराम का बेटा अनिल कुमार (15) गुरुवार को अपने साथियों के साथ बस्ती के भदेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए जल लाने अयोध्या के सरयू तट पर गया था।
वहां जल भरते समय उसका पैर फिसल गया। जिससे वह सरयू नदी में डूब गया। साथी कांवरियों ने उसे बचाने का प्रयास किया। मगर वह सफल नहीं हो सके। ग्राम प्रधान के मुताबिक अनिल की तलाश में गोताखोर जुटे हैं। मगर शुक्रवार की देर शाम तक गोताखोरों को कामयाबी नहीं मिली।
अनिल के डूबने की सूचना उसके घर पहुंची तो यहां कोहराम मच गया। अनिऱ्ल के पिता व परिवार के अन्य लोगों आयोध्या पहुंच गए हैं। वहां नदी में उसकी तलाश जारी है। अनिल के पिता बालकराम ने बताया कि अनिल तीन भाईयों में सबसे छोटा है और वह सरस्वती शिशु मंदिर गौरा चौकी में 6वीं का छात्र है। ब्यूरो