परसपुर। दलित महिला का अपहरण करके बंधक बनाने का मामला प्रकाश में आया है। अदालत के आदेश पर पांच लोगों को नामजद करते हुए कुल 15 के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
एफआईआर के अनुसार, एक गांव निवासी पीड़ित युवक का कहना है कि उसका गांव अल्पसंख्यक बहुल है। इसमें अनुसूचित जाति के कुछ परिवार भी रहते हैं। आरोप है कि अल्पसंख्यक समुदाय के लोग दलित परिवार की महिलाओं पर नजर रखते हैं और धर्म परिवर्तन का दबाव डालते हैं। ऐसा न करने पर बहन-बेटियों को जबरन उठा ले जाने की धमकी दी जाती है। नौ अगस्त 2025 को उसकी पत्नी रक्षाबंधन पर मायके जा रही थी, तभी रास्ते में इरफान ने उसका अपहरण कर लिया। इसमें इरफान का सहयोग सद्दाम समेत कई अन्य लोगों तथा सूरज उपाध्याय ने किया।
घटना की जानकारी होने पर जब वह इरफान के घर शिकायत करने गया, तो उसके पिता ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गालियां दीं और पिटाई की। उन्होंने धमकी दी कि तुम लोग जब तक इस्लाम स्वीकार नहीं कर लेते, तब तक सुकून से नहीं रहोगे। इसकी सूचना थाने पर दिए जाने पर आरोपियों ने 17 अगस्त को घर पर हमला करके पिटाई की। पुलिस द्वारा शिकायत दर्ज नहीं करने पर पीड़ित ने अदालत का दरवाजा खटखटाया।
थानाध्यक्ष अनुज त्रिपाठी ने बताया कि महिला की गुमशुदगी की सूचना पहले से ही थाने में दर्ज है। अदालत के आदेश पर इरफान, सद्दाम, मुनव्वर, निजामुद्दीन और सूरज को नामजद करते हुए 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। विवेचना क्षेत्राधिकारी करनैलगंज द्वारा की जा रही है।