गोंडा। शिव भक्ति से ओतप्रोत 15 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की आस्था रविवार की रात रह-रह कर हिलोरें मारती रही जिससे जिला प्रशासन की व्यवस्था भी डगमगाती नजर आई। कई बार तो ऐसा मौका भी आया जब श्रद्धालुओं के उत्साह ने सारे इंतजामों पर पानी फेर दिया लेकिन गनीमत रही कि भोलेनाथ की कृपा से सब ठीकठाक निपट गया। देर शाम से ही शिवालयों की तरफ उमड़े श्रद्धालु इतने उत्साहित नजर आए कि जिले के खरगूपुर स्थित विश्व प्रसिद्ध पृथ्वीनाथ मंदिर में तो शाम दस बजे से ही जलाभिषेक शुरू हो गया जबकि नगर के दुखहरणनाथ मंदिर सहित जिले के बालेश्वरनाथ, करोहानाथ, बरखंडीनाथ सहित अन्य शिवालयों में रात 12 बजे से शुरू हुआ जलाभिषेक सोमवार की दोपहर तक चलता रहा। इस दौरान शिवालय व मंदिर बोल बम के जयकारों से गूंजते रहे।
रविवार को सरयू नदी से जल भरने के बाद लाखों श्रद्धालुओं का कारवां शिवालयों की तरफ उमड़ पड़ा। कोई दुखहरणनाथ तो कोई पृथ्वीनाथ जल चढ़ाने के लिए पैदल ही 30 से 60 किलोमीटर सफर के लिए निकल पड़ा। हर-हर महादेव के जयकारे लगाते इन श्रद्धालुओं के अलग-अलग जत्थों के चलते करनैलगंज-गोंडा तथा करनैलगंज-आर्यनगर-पृथ्वीनाथ मार्ग खचाखच भर गया। ऐसा लग रहा था कि पूरा मार्ग ही उजाले व भगवा रंग की रोशनी में नहाया हो। नगर में श्रद्धालुओं को नियंत्रित करने के लिए डिग्री कॉलेज तिराहे से ही बैरीकेडिंग की गई थी जहां पुलिस अधिकारियों के साथ पुलिस बल के जवान तैनात किए गए थे। लेकिन जब श्रद्धालुओं की आस्था ने हिलोरें मारनी शुरू की तो बल्लियां टूट गईं और श्रद्धालुओं को रोकने के लिए पुलिस के जवानों को सख्ती बरतनी पड़ी। पूरी रात श्रद्धालु अलग-अलग जत्थों में उमड़ते रहे और जिला प्रशासन की पूरी व्यवस्था डगमगाती रही।
महिला अस्पताल तिराहे पर एसपी ने संभाला मोर्चा
महिला अस्पताल तिराहे पर पुलिस अधीक्षक आरके नैयर खुद मोर्चा संभाले नजर आए। यहां वह श्रद्धालुओं को धैर्य बनाए रखने की नसीहत दे रहे थे, वहीं स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अधिकारियों व जवानों को निर्देश देते रहे। कई बार तो खुद लोगों को नियंत्रित करने का प्रयास करते दिखे। इसके बावजूद कई बार बैरीकेडिंग के लिए लगाई गई बल्लियां टूट गईं। जिन्हें अधिकारी किसी तरह से फिर से दुरुस्त करते नजर आए। खरगूपुर स्थित प्राचीन पृथ्वीनाथ मंदिर के विशाल शिवलाट पर रविवार की देर शाम से ही जलाभिषेक शुरू हो गया।
बम-बम भोले भंडारी, तेरी महिमा है न्यारी, ऊॅं नम: शिवाय, जय महाकाल के उद्घोष करते हुए श्रद्धालुओं ने गंगाजल, दुग्ध, बेलपत्र, शहद, पुष्प, शमी, भांग, धतूर आदि से जलाभिषेक कर मनवांछित फल की कामना की। यहां जिले के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा राप्ती, बलरामपुर, सरयू करनैलगंज व अयोध्या से जल भरकर लाये कांवड़ियों ने जलाभिषेक किया। इसके अलावा जिले के बाबा बालेशन्वरनाथ, बरखंडीनाथ, करोहानाथ सहित अन्य शिवालयों पर भी श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर भगवान भोलेनाथ की आराधना की।
रात के तीसरे पहर में श्रद्धालुओं का सैलाब देख प्रशासन को छूटे पसीने
नगर में दुखहरणनाथ मंदिर पर जलाभिषेक करने पहुंचे श्रद्धालुओं की संख्या रात बारह बजे के बाद बढ़ने लगी और फिर व्यवस्था में लगे अधिकारियों को पसीने छूट गए। जिला प्रशासन ने इस बार कांवड़ियों को नियंत्रित करने के लिए शहीदे आजम सरदार भगत सिंह इंटर कॉलेज तिराहे से ही चेकिंग की व्यवस्था बना रखी थी लेकिन यहीं से श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ ने पूरी व्यवस्था को छिन्न भिन्न कर दिया। डिग्री कॉलेज तिराहे से महिला अस्पताल तक पूरा मार्ग श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया। यही नहीं महिला अस्पताल तिराहे से दुखहरणनाथ मंदिर तक बेरीकेडिंग के लिए लगाई गई बल्लियां भी श्रद्धालुओं का उत्साह नहीं रोक पाई। गनीमत यह रही कि थोड़ी देर बाद श्रद्धालुओं पर नियंत्रण मिल जाता रहा जिससे बल्लियां दुरुस्त कराने का मौका मिल जाता रहा लेकिन अगर श्रद्धालुओं का जमावड़ा थोड़ी देर और हो जाता तो फिर स्थिति खराब हो सकती थी।
जलाभिषेक के बाद हुए बेहाल, जहां मिला मौका, वहीं डाल दिया डेरा
जलाभिषेक करने के बाद श्रद्धालु इतने बेहाल थे, जहां खाली जमीन व मौका देखा, वहीं डेरा डाल दिया। सोमवार की सुबह तक बेहाल पड़े रहे। जब पुलिस ने इन्हें जगाकर घर जाने को कहा तब सड़क व दुकानें खाली हुईं।
कामयाब रही जिला प्रशासन की व्यवस्था
खरगूपुर। पृथ्वीनाथ मंदिर में जिला प्रशासन की व्यवस्था इस बार काफी कामयाब रही। हर बार जहां पूर्व में कजरी तीज के मौके पर इक्का-दुक्का बैरियर तथा बेरिकेडिंग की व्यवस्था रहती थी जिससे पूरी तरह से वाहनों के प्रवेश पर रोक नहीं लग पाती थी लेकिन इस बार दो दर्जन महत्वपूर्ण स्थानों को चिह्नित कर अलग-अलग स्थानों पर दो दर्जन बैरियर लगाए जाने की व्यवस्था थाना अध्यक्ष संतोष तिवारी ने की थी। जिससे पर्याप्त पुलिस व्यवस्था के बीच मेला क्षेत्र से अलग-अलग दूरी पर इस बार जहां दो तथा चार पहिया वाहनों पर पूरी तरह से रोक रही वहीं विभिन्न मार्गों से पृथ्वीनाथ मंदिर की ओर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की आवागमन में असुविधा नहीं हुई। इस कार्य की पृथ्वीनाथ मंदिर के शिवलाट पर जलाभिषेक व पूजन-अर्चन करने वाले श्रद्धालुओं ने सराहना की।
शांतिपूर्ण निपटा कजरी तीज मेला
कजरी तीज का मेेला शांति पूर्ण निपट गया। खरगूपुर स्थित पृथ्वीनाथ मंदिर पर करीब आठ लाख व दुखहरन नाथ मंदिर में छह लाख कांवड़ियों ने जलाभिषेक किया। इसके अलावा अन्य लोगों ने जलाभिषेक किया। शांतिपूर्ण त्योहार निपटने के लिए सभी वालेंटियरों व सुरक्षाकर्मियों ने खूब मेहनत की है। -महेंद्र कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक