डॉक्टरों की हड़ताल से बिना इलाज लौट 5 हजार मरीज
आईएमए की हड़ताल के कारण मरीज पस्त, मांगों को लेकर डॉक्टरों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की तरह से घोषित हड़ताल मंगलवार को मरीजों पर भारी पड़ी। हड़ताल के कारण जिले के किसी भी निजी डॉक्टर ने मरीजों को हाथ तक नहीं लगाया। इस कारण करीब 5 हजार मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ा।
8 दिन पहले जहां दवा दुकानदारों (केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन) की हड़ताल से मरीजों को तमाम तरह की दिक्कतों से जूझना पड़ा वहीं मंगलवार को आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) की हड़ताल ने मरीजों को पस्त कर दिया। नतीजा यह रहा कि आईएमए के समर्थन में ओपीडी करने वाले जिले के 72 निजी डाक्टरों ने मंगलवार को एक भी मरीज नहीं देखा और करीब पांच हजार मरीजों को अपनी ओपीडी से बाहर कर दिया। जिससे मरीजों को खासी दिक्कतें झेलनी पड़ी।
आईएमए हॉल में बैठकर महामंत्री डॉ. आलोक अग्रवाल, अध्यक्ष डा.संजय त्रिपाठी, डा.नितिन गुप्ता, डा.विनीत मोदी, डॉ.ओएन पांडेय, डा.एनएन तिवारी, डा. साबिर हुसैन व डा.वीपी सिंह ने आगामी रणनीति पर विचार करने के बाद शाम को जिलाधिकारी को जाकर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
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केस-एक
गाड़ी से नहीं उतारा मरीज
मंगलवार को सडक़ हादसे में घायल ताहिर अली को उसके परिजन उतरौला से स्कार्पियो गाड़ी में लेकर एससीपीएम हास्पिटल पहुंचे थे। लेकिन आईएमए की हड़ताल के चलते ताहिर अली को वहां के किसी चिकित्सीय स्टाफ ने गाड़ी से नीचे उतारा ही नहीं। जिसके बाद परिजन उसे लेकर कहीं और चले गए। जबकि इसी अस्पताल में परसपुर से आई प्रसव पीड़िता महिला मनाली को भी यहां डाक्टरों ने नहीं देखा और उसे वापस कर दिया।
केस-दो
घंटों किया इंतजार
धानेपुर के बनगाई गांव से पेट दर्द का इलाज कराने आई सोनी सिंह मंगलवार को सुबह 8 बजते ही आशा देव नर्सिंग होम पहुंच चुकी थी। जहां यह डाक्टर को दिखाने के लिए करीब 4 घंटे बैठी भी रहीं, लेकिन बाद मे जब अस्पताल के स्टाफ ने उन्हें बताया कि आज डाक्टर किसी को नहीं देखेंगे हड़ताल पर हैं। तो सोनी सिंह को मजबूरन लौट जाना पड़ा। जबकि इसी अस्पताल में खुद को दिखाने पहुची कुडिय़ांव परसपुर की बन्नो, खिंदूरी कटराबाजार की नूर फिजा को भी अस्पताल से डाक्टर को बिना दिखाए ही चलता कर दिया गया।
इनसेट
आईएमए की हड़ताल से जिला अस्पताल में बढ़े मरीज
एक हफ्ते पहले से प्रस्तावित आईएमए की हड़ताल के मद्देनजर मंगलवार को जिला अस्पताल में रोज की अपेक्षा मरीजों की भीड़ कहीं ज्यादा थी। वैसे तो बाबू ईश्वर शरण जिला अस्पताल में रोजाना करीब 2 से ढाई हजार मरीज इलाज कराने आते ही हैं। लेकिन मंगलवार को आईएमए में शमिल निजी डाक्टरों की हड़ताल के चलते इनकी संख्या साढ़े 3 हजार के करीब रही। जिला अस्पताल में सुबह 8 बजते ही मरीजों की भीड़ टूट पड़ी, जिसका दबाव दोपहर के 2 बजे तक सरकारी डाक्टरों की ओपीडी के बाहर बना रहा।
इनसेट
इन अस्पतालों से वापस लौटे मरीज
मंगलवार को आईएमए की हड़ताल के चलते एससीपीएम हास्पिटल, आर्शीवाद नर्सिंग होम, गोंडा मेडिकल सेंटर, अवध नर्सिंग होम, श्रीराम नर्सिंग होम, किरम हास्पिटल, आरएन पाण्डेय नर्सिंग होम, आशा देव मेमोरियल हास्पिटल, स्टार हास्पिटल, मंगलम हास्पिटल, गायत्री हास्पिटल सहित तमाम निजी डाक्टरों की ओपीडी बंद रही। वहीं भारत, प्रकाश, नेशनल जैसे कई पैथालाजी सेंटर भी मंगलवार को बंद रहे।