गोंडा। पंचायत चुनाव 2015 में जिले की 1054 ग्राम पंचायतों का परिसीमन हुआ था। इसमें 149 नई पंचायतों के गठन का प्रस्ताव तैयार हुआ था। सत्ता की खींचतान में प्रस्ताव समय से निदेशालय नहीं भेजा जा सका। ऐसे में नई गठित होने वाली पंचायतों का प्रस्ताव फाइलों में बंद हो गया।
एक बार चुनाव की नई कवायद से नए फैसले पर लोगों की निगाहें टिकीं हैं। पंचायत चुनाव 2020 की तैयारियां पुनरीक्षण से शुरू होने के संकेत से परिसीमन की उम्मीद भी जगी है। माना जा रहा है कि इस बार परिसीमन हुआ तो जिले में पंचायतों की संख्या बढ़ेगी।
पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची के पुनरीक्षण की तैयारी शुरू होने के साथ ही परिसीमन को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। प्रधान बनने का सपना संजोए लोग समय का इंतजार कर रहे हैं। वर्ष 2015 में जिला स्तर पर लंबी कसरत के बाद 149 नई पंचायतों के गठन का प्रस्ताव तैयार हुआ था। उस समय सत्ता की खींचतान में प्रस्ताव समय से नहीं पहुंचे थे और नई पंचायतों का गठन नहीं हो पाया था। परिसीमन के मानकों पर गौर किया जाय तो जिले में 149 राजस्व गांव ऐसे हैं जिनकी आबादी एक हजार से अधिक है।
यदि समय से परिसीमन की कार्रवाई हो गई होती तो जिले के 16 ब्लॉकों में जो मौजूदा 1054 ग्राम पंचायतें हैं, परिसीमन के बाद इनकी संख्या बढ़कर 1203 हो जाती। पुनरीक्षण की तैयारी 15 सितंबर तक पूरी करने और एक अक्टूबर से अभियान शुरू करने के संकेत मिले हैं। ऐसे में परिसीमन के बारे में भी जल्द ही फैसले की उम्मीद जगी है। लोगों की निगाहें परिसीमन के फैसले पर टिकी हैं।
ये है पंचायतीराज अधिनियम
पंचायतीराज अधिनियम की धारा 11 (च) के तहत राज्य सरकार इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए, अधिसूचना द्वारा, किसी ग्राम या ग्रामों के समूह, जिनकी जनसंख्या यथासाध्य एक हजार हो, में समविष्ट किसी क्षेत्र को, ऐसे नाम से जैसा विनिर्दिष्ट किया जाय, पंचायत क्षेत्र घोषित कर सकती है। प्रतिबंध यह है कि किसी राजस्व ग्राम या उसके किसी मजरे को, पंचायत क्षेत्र की घोषणा के प्रायोजनों के लिए विभाजित नहीं किया जायेगा।
इन गांवों को पंचायत का दर्जा देने का बना था प्रस्ताव
झंझरी ब्लॉक के राजस्व ग्राम इमिलिया गुरुदयाल, कसांपुर, एकमा, छाछपारा मुतबल्ली, रुपईडीह, गोविंदपारा, दौलतपुर, मुगलजोत, पैड़ीअजब सिंह, केशवजोत, माधवपुर राय, लालपुर चंद्रभान, पंड़रीशंकर व कलंदरपुर चौबे गांव। इटियाथोक ब्लॉक के बगुलही, बखरवा, निसारुपुर, रामनगर झिन्ना, गजाधरपुर, कलेना, बस्ती, रानीपुर व एकडंगा गांव। पंड़रीकृपाल ब्लॉक के चोरसिहा, धनोहरी, केवलपुर, उकरा, मुडे़रवामाफी, बराराय व बसंतपुर तिवारी गांव। मुजेहना ब्लॉक के धुसवा, पूरे गोनाई, मुंगरैल व शुकुलपुर गांव। रुपईडीह ब्लॉक के दलपतपुर, भोपालपुर, तड़वागुलाम, कल्यानपुर, नौव्वागांव, लैबुड़वा, गुदगुदियापुर, परसपुर, ऐलहवा, भुड़कुड़ी, भोलाजोत, बैगौरा बाजार, बभनीराय, बलुआककरा, नरहरिपुर, मिश्रौलिया, परसौरा महेशपुर, बलवंतनगर, पेड़ारेगड़वा व देवरहना गांव। छपिया ब्लॉक के पायरकोहना, बैहौली, भरथीपुर, बेतवा, हड़िया व फूलपुर गांव। बभनजोत ब्लॉक के बुक्कनपुर, मल्हीपुर, पिपरा माहिम, मरैला, बकईखुर्द, रेहारतपाकी, चंद्रदीपघाट, मोहम्मदपुर, सेमराबुर्जुग, अगयाबुर्जुग व तरैनी गांव। मनकापुर ब्लॉक के कहोबा, रानीपुर, मरैचा, चांदपुर दुर्गा, ललकपुर, राधानगर, धर्मपुर, दलपतपुर, मदनापुर, नरेंद्रपुर, बिहता हलबल, किशुनदासपुर, जैदवा व चांदपुर लखपतराय गांव। कर्नलगंज ब्लॉक के पिपरी, कुम्हौरा, हरिगवां, कैथौली, गनवलिया, नकारा, प्रतापपुर, मोहम्मदपुर गड़वार व मनिहारी गांव। हलधरमऊ ब्लॉक के सुमेरपुर, कस्तूरी, वीरपुर, धमसड़ा, अमोड़वा, अखरेड़ा व खानपुर गांव। परसपुर ब्लॉक के परेटा, धनुही, पूरे तिवारी, तुलसीपुर, कपनी, सालपुर पाठक व बिहुरी गांव। कटराबाजार ब्लॉक के कटौली, चिलबिला महारन, पिसैया, महादेव मोहन टेपरा, धरमपुर, भगहरिया भगवानपुर, बैरमपुर, सिंहपुर, बिकरवा व पूरे महोलिया गांव। वजीरगंज ब्लॉक के बड़कुइंया, मोहिया, भीखमपुर, परमापुर, बरईपारा, कादीपुर, भटपुरवा, रूपीपुर, रायपुर व पिपरी गांव। बेलसर ब्लॉक के हिलालपुर, निहालपुर, भटपुरवा, पूरे मोहन व लिलोई खुर्द गांव। नवाबगंज ब्लॉक के शोभापुर, महेशपुर, फत्तेपुर, माझाराठ, मीरपुरयूसुफ, पर्वती, नरेंद्रपुर, मधवापुर, कदौंदी, सुरजापुर व परसहना गांव। तरबगंज ब्लॉक के सोबरसा, सिंगहाभोज, अर्जुनपुर, पुरैनी, चंदसुहा व गभौरा गांव।
नई पंचायतों के गठन के बाद ये होगी पंचायतों की तस्वीर
ब्लॉक वर्तमान भविष्य
झंझरी 75 89
इटियाथोक 71 80
पंड़रीकृपाल 49 56
मुजेहना 57 61
रुपईडीह 89 108
छपिया 81 87
बभनजोत 66 77
मनकापुर 77 91
कर्नलगंज 65 74
हलधरमऊ 61 68
परसपुर 68 75
कटराबाजार 67 77
तरबगंज 54 60
वजीरगंज 62 72
बेलसर 51 56
नवाबगंज 61 72
योग: 1054 1203
पंचायतों के पुनरीक्षण के लिए बीएलओ किट खरीद की प्रक्रिया तेज
पंचायत चुनाव 2020 के पुनरीक्षण के लिए बीएलओ किट की खरीद प्रक्रिया तेज कर दी गई है। करीब 1800 बीएलओ की सूची तैयार हो रही है जिसमें अभी सदर तहसील का कार्य पूरा नहीं है। रिजर्व छोड़कर 1600 बीएलओ मतदाता सूची की पड़ताल करेंगे। इसके लिए बीएलओ किट की खरीद इसी महीने पूरी करनी है। निर्वाचन विभाग ने किट खरीद के लिए 18 सितंबर को टेंडर मांगे हैं। टेंडर के जरिए एजेंसी तय करके खरीद की जाएगी। वर्ष 2021 में बोर्ड परीक्षा के बाद पंचायत चुनाव होने की उम्मीद जताई जा रही है।
पंचायतों की मतदाता सूची के पुनरीक्षण के निर्देश मिले हैं। तैयारी की जा रही है। 18 सितंबर तक बीएलओ किट खरीद की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसके बाद पुनरीक्षण के लिए अन्य तैयारियां की जाएंगी।
- उमेश कुमार, सहायक पंचायत निर्वाचन
परिसीमन के बारे में अभी कोई आदेश नहीं आया है। पुनरीक्षण के निर्देश मिले हैं। परिसीमन या आरक्षण के आदेश मिलने पर कार्रवाई शुरू की जाएगी।
सभाजीत पांडेय, डीपीआरओ