खुलने लगी अनाज घोटले की परतें
गोंडा। जिले के वजीरगंज बंधवा गांव के पास एक निजी गोदाम में डम्प पकड़े गये करोड़ंो रुपये के सरकारी अनाज के मामले की जांच में अब घोटाले की परतें खुलने लगी हैं। मौके पर अनाज लदा पकड़ा गया ट्रक खाद्य रसद विभाग के झंझरी ब्लॉक का बताया जा रहा है।
अधिकारियों को ऐसे कई अभिलेख हाथ लगे हैं जिससे ट्रक की पहचान हो गई है। पहले से दागी मानी जाने वाली पण्डरी कृपाल ब्लाक, वजीरगंज ब्लाक और नवाबगंज ब्लाक के गोदामों पर टीम की नजर है।
एक सप्ताह पहले तरबगंज के एसडीएम, सीओ, डीएसओ व तरबगंज के विधायक प्रेमनारायण पाण्डेय ने वजीरगंज ब्लॉक के ग्राम बंधवा स्थित एक निजी गोदाम के शेड में छापा मारा था।
बड़ी मात्रा में सार्वजनिक वितरण प्रणाली का सरकारी अनाज पकड़ा गया था। मामले में प्रशासन ने गोदाम संचालक पवन सिंह व खाद्यान्न घपले में पूर्व के दागी सुहेल अहमद व धर्म प्रकाश सोनी के खिलाफ के दर्ज कराया था। मामले को शासन ने भी गंभीरता से लिया।
खाद्य आयुक्त ने मामले की गोपनीय जांच के लिए जांच अधिकारी नामित कर जांच शुरू कर दी। शनिवार को प्रदेश के सहायक आयुक्त अनूप शंकर ओझा के नेतृत्व में छह सदस्य टीम दबे पांव गोंडा पहुंची थी।
टीम ने खाद्य रसद विभाग, भारतीय खाद्य निगम व सप्लाई विभाग के अधिकारियों को तलब किया। मौके पर जाकर तथ्यों की पड़ताल की और नवीन फल सब्जी मंडी में रखे गये अनाज के बोरियों की जांच की।
जांच में अधिकारियों ने इस माह के एफसीआई से उठान किये गये ब्लॉकवार अनाज का ब्यौरा देखा। अभिलेखों की बारीकी से जांच की। जांच में इस बात का तथ्य सामने आया है कि भारतीय खाद्य निगम के गोदाम से झंझरी ब्लाक गोदाम को भेजा गया अनाज लदा ट्रक गोदाम पर न रुककर वजीरगंज ब्लाक के निजी गोदाम में पहुंच गया।
इसकी अभिलेखीय जांच में भी लगभग पुष्टि हो चुकी है। सूत्रों की माने तो अभी इस कार्रवाई की जद में कई और अधिकारी कर्मचारी आएंगे। अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि यह अनाज पूरी तरह से सरकारी ही है।
भारतीय खाद्य निगम के अधिकारी भी पकड़े गये अनाज के सरकारी होने की पुष्टि कर रहे हैं। बताया जाता है कि सोमवार की देर शाम तक राजधानी के जांच अधिकारियों की टीम गोंडा आ रही है।