लाठी चार्ज के विरोध में वकीलों ने किया कार्य बहिष्कार
मनकापुर/गोंडा। मेरठ में उच्च न्यायालय की स्थापना की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे अधिवक्ताओं पर हुए लाठी चार्ज के विरोध में मंगलवार को जिले भर के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे।
अधिवक्ताओं ने इस घटना की निंदा करते हुए जुलूस निकाला और प्रदेश की कानून व्यवस्था को ध्वस्त बताते हुए लाठी चार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
मेरठ में उच्च न्यायालय की स्थापना की मांग को लेकर अधिवक्ता आंदोलनरत हैं। पिछले दिन शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे इन अधिवक्ताओं पर जिला प्रशासन ने बर्बर तरीके से लाठीचार्ज किया था जिसमें कई बुजुर्ग अधिवक्ता गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
इस घटना की निंदा करते हुए बार काउंसिल आफ इंडिया ने मंगलवार को पूरे प्रदेश में न्यायिक कार्य के बहिष्कार का ऐलान किया था। बार काउंसिल के आवाह्न पर मंगलवार को अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार किया।
बार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार मिश्रा व सिविल बार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष शमीम अतहर के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। अधिवक्ताओं ने इस लाठी चार्ज के घटना की निंदा करते हुए जुलूस भी निकाला।
अधिवक्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। उन्होने लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सिविल बार एसयेासिएशन के जिलाध्यक्ष ने घायल हुए अधिवक्ताओं को दस दस लाख रुपये का मुआवजा दिलाने की मांग की।
कार्रवाई की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इस दौरान आलोक कुमार पांडेय, रामअशीष त्रिपाठी, विदेंश्वरी प्रसाद दूबे, माधवराज मिश्रा, मनोज कु मार पांडेय, चंद्रमणि तिवारी, दिनेश दूबे, केके पांडेय, विजय प्रताप दूबे, सीपी तिवारी समेत अन्य मौजूद रहे।
मनकापुर तहसील के अधिवक्ताओं ने भी मंगलवार को न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। मनकापुर बार काउंसिल के उपाध्यक्ष श्यामलाल शुक्ल ने इस लाठीचार्ज की निंदा करते हुए कहा कि अधिवक्ताओं पर हुए इस प्रशासन की इस कायरतापूर्ण कार्रवाई के खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
अधिवक्ताओं ने उपाध्यक्ष के नेतृत्व में राज्यपाल को संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम मनकापुर उमेश चंद्र उपाध्याय को सौंपा। इस दौरान पीएस पांडेय, शिव कुमार शुक्ला,विजय कुमार मिश्र, श्रवण कुमार शुक्ल, राजकुमार मिश्र, केजी मिश्र, डीके उपाध्याय, राजेंद्र प्रसाद पांडेय,एसडी पांडेय समेत अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।