लिदेहना गांव के मजरे परसहना में 18 जनवरी की रात विषाक्त भोजन खाने से बीमार पड़े 29 लोगों में 14 की हालत गुरुवार की देररात एक बार फिर से बिगड़ गई। सूचना शुक्रवार की सुबह मुख्यालय से गांव पहुंची टीम ने उपचार किया। लेकिन दो की हालत नाजुक देख उन्हें जिला अस्पताल गोंडा के लिए रेफर कर दिया गया। सीएमओ डॉ.उमेश कुमार यादव ने बताया कि बीमार लोगों के इलाज में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बीते 18 जनवरी को लिदेहना गांव के मजरे परसहना में एक कार्यक्रम के दौरान गांव के 29 लोग विषाक्त भोजन खाने से फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए थे। जिसके बाद सभी बीमार लोगों को सीएचसी नवाबगंज लाया गया। जहां इनका इलाज चला। इलाज से उनकी हालत में कुछ सुधार हुआ तो सभी को घर भेज दिया गया। लेकिन घर पहुंचते ही गुरुवार की रात बीमार 29 लोगों में से 14 की हालत एक बार फिर से खराब हो गई।
जिसमें सर्वाधिक बच्चे शामिल थे। वहीं इसकी भनक जब सीएचसी के स्टाफ व सीएमओ को हुई तो उन्होंने शुक्रवार की सुबह मुख्यालय से डॉक्टरों की एक टीम गांव में भेजी। जिसने गांव में ही बीमार 14 लोगों का उपचार किया। जिसमें से दो पंचू व राजपता की हालत ज्यादा नाजुक होने पर उन्हें गांव से जिला अस्पताल भेजा गया। जहां उनका इलाज चल रहा है। सीएमओ डा.उमेश कुमार यादव ने बताया कि फूड पॉइजनिंग के शिकार लोगों का इलाज करने के लिए गांव मेें डॉ. एमपी यादव, डॉ. देवेन्द्र सिंह, डॉ.अनूप तिवारी, विपिन त्रिपाठी, मो.इलियास, वीरेन्द्र को पूरी टीम के साथ भेजा गया है।