गोंडा। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच टीकाकरण बंद होने से जिले के 14 लाख लोगों की चिंता बढ़ गई है। नौ फरवरी के बाद जिले में कोविड टीकाकरण के सभी शिविर बंद कर दिए गए। जबकि एक सप्ताह से कोरोना संक्रमण की रफ्तार दिनोंदिन बढ़ती जा रही है।
दो साल से कोरोनारोधी टीकाकरण अभियान चल रहा है। जिसके तहत जिले के 29 लाख 10 हजार 140 लोगों को वैक्सीन की पहली खुराक दी गई। 27 लाख 88 हजार, 928 लोगों ने दूसरी खुराक ली। दूसरी डोज के छह महीने बाद बूस्टर डोज लगनी थी। जिले के करीब 14 लाख लोगों काे दूसरी डोज लगवाए छह महीने बीत गए हैं। अब इन्हें वैक्सीन की बूस्टर डोज की दरकार है। मगर विगत नौ फरवरी के बाद से स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी टीकाकरण सत्र बंद कर दिए गए। अब कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए लोग बूस्टर डोज लगवाने के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। मगर उन्हें वैक्सीन न होने की बात कहकर लौटाया जा रहा है।
पिछले साल सितंबर माह से ही वैक्सीन की किल्लत शुरू हो गई थी। काफी मशक्कत के बाद 17 जनवरी को कोविशील्ड की 22,100 डोज मिलीं। मगर उसकी एक्सपायरी तिथि नौ फरवरी तक ही थी। हालांकि इस अवधि के भीतर ही सभी वैक्सीन उपयोग कर ली गईं। उसके बाद से टीकाकरण बंद हो गया।
कोरोना संक्रमण के सर्वाधिक मामले जिला अस्पताल में मिल रहे हैं। शनिवार को पर्चा काउंटर पर 30 मरीजों की एंजीटन जांच हुई, जिसमें से चार मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। नए मरीजों में तीन पुरुष व एक महिला है। जबकि एक मरीज का होम आइसोलेशन पूरा हो गया है। इसके साथ ही जिले में सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। दूसरी ओर रेलवे स्टेशन पर हुई कोरोना जांच में बलरामपुर का एक यात्री संक्रमित मिला।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. जय गोविंद ने बताया कि कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। मगर स्टेट से वैक्सीन नहीं मिल पा रही है। कई बार डिमांड की गई। जल्द ही वैक्सीन उपलब्ध होने का आश्वासन दिया जा रहा है।