निजी डॉक्टरों की हड़ताल से बंद रहे क्लीनिक व नर्सिंगहोम
गोंडा। नेशनल मेडिकल कमीशन बिल के विरोध में शनिवार को जिले के निजी डॉक्टरों ने धिक्कार दिवस मनाते हुए हड़ताल कर दी।
निजी डॉक्टरों की हड़ताल से क्लीनिक व नर्सिंग होम बंद रहे। चिकित्सकों ने प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि, यदि बिल पास हुआ तो पूरे देश के निजी डॉक्टर आंदोलन छेड़ेंगे।
भारतीय चिकित्सक संघ के आह्वान पर शनिवार को नेशनल मेडिकल बिल के विरोध में निजी डॉक्टरों ने धिक्कार दिवस मनाया। सुबह ही अपने-अपने क्लीनिक व नर्सिंग होम बंद कर निजी चिकित्सक आईएमए हॉल में इकट्ठा हुए।
वहां इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष डॉ. रेनू अग्रवाल व सचिव डॉ. अनीता मिश्रा की अगुवाई में डॉक्टरों ने प्रदर्शन करते हुए आक्रोश जताया।
चिकित्सकों का कहना था कि, लोकतांत्रिक तरीके से चुने एमसीआई को समाप्त कर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग का गठन पूरी तरह से गलत है, जिसमें राज्य चिकित्सा का प्रतिनिधित्व पूरी तरह से हाशिए पर रख दिया गया है।
इसमें तीन की जगह 10 सदस्यों को समूहबद्ध करने की सिफारिश को भी अस्वीकार कर दिया गया, इससे राज्यों को दस साल प्रतिनिधित्व ही नहीं रह जाएगा।
कोषाध्यक्ष ओएस मोदी ने कहा कि, अमीरों को खुश करने के लिए सरकार अधिकारों को केंद्रीयकृत कर रही है, जो गरीबों के साथ अन्याय है। इस दौरान तमाम नर्सिंग होम व निजी अस्पताल बंद रहे जिससे मरीजों व तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा।