फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ट्रांजेक्शन फेल हुआ तो गायब हो गए फीस प्रतिपूर्ति के 13.63 लाख रुपये

विज्ञापन
विज्ञापन
गोंडा। अलाभित समूह के बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति व वित्तीय सहायता के लिए शासन की तर्ज से बेसिक शिक्षा विभाग को भेजे गए 1.14 करोड़ रुपये की धनराशि बेसिक शिक्षा के लेखा विभाग के कारनामें से 13.63 लाख रुपये गायब हो गए हैं। विभाग इस धनराशि की तलाश कर रहा है लेकिन यह पैसा कहां गया इसका पता नहीं लग रहा है। शासन की तरफ से इस धनराशि की जानकारी मांगे जाने पर बीएसए ने लेखाधिकारी के पत्र लिखकर इसका ब्योरा मांगा है। अब लेखाधिकारी ट्रांजेक्शन फेल होने का तर्क देकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
विज्ञापन

निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के अनुसार अलाभित समूह एवं निर्धन आय वर्ग योजना अंतर्गत गरीब परिवारों के बच्चों को निजी स्कूल मे दाखिला दिलाकर उन्हें बेहतर शिक्षा सुविधा मुहैया कराना है। इसमें बच्चों को प्रवेश देने वाले निजी स्कूलों को फीस की प्रतिपूर्ति शासन की तरफ से की जाती है। साथ ही बच्चे के अभिभावक को पाठ्यपुस्तक व अन्य सामग्री की खरीद के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाती है। वित्तीय वर्ष 2018-19 मे इस योजना के अंतर्गत प्रवेश लेने वाले बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति व वित्तीय सहायता के लिए शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग को 1.14 करोड़ रुपये प्रदान किए थे।
यह राशि गरीब बच्चों के प्रवेश देने वाले निजी स्कूलों को भेजी जानी थी लेकिन इसमें से 13.63 लाख रुपये गायब हो गए। शासन ने जब इस धनराशि के उपभोग का ब्योरा मांगा तो उसमे 13.63 लाख रुपये गायब मिले। शासन स्तर से जब इसकी छानबीन शुरू हुई तो बेसिक शिक्षा विभाग ने हड़कंप मंच गया। बीएसए मनिराम सिंह ने आननफानन वित्त एवं लेखाधिकारी के पत्र लिखकर इस धनराशि के खर्च का हिसाब मांगा तो लेखाधिकारी ने बैंक ट्रांजेक्शन फेल होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया। अब विभाग इस धनराशि की पता नहीं लगा पा रहा है। बीएसए का कहना है कि वित्त लेखाधिकारी के खर्च की गई धनराशि से संबंधित रिकॉर्ड मांगे गए हैं। वहीं वित्त लेखाधिकारी मंगेश कुमार ने जानकारी करने की बात कही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें