24 करोड़ से होगा विधि विज्ञान प्रयोगशाला का निर्माण
गोंडा। फोरेंसिक लैब न होने के कारण गंभीर अपराधों के खुलासे के लिए अभी तक देवीपाटन मंडल की पुलिस को लखनऊ व अन्य प्रयोगशालाओं की रिपोर्ट पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन अब एक साल बाद यह समस्या दूर हो जाएगी।
मंडल मुख्यालय पर पुलिस लाइन में करीब 24 करोड़ की लागत से विधि विज्ञान प्रयोगशाला का निर्माण होने जा रहा है। इसके लिए बजट का आवंटन हो गया है और निर्माण कार्य की जिम्मेदारी राजकीय निर्माण इकाई को दी गई है। बीते बजट सत्र में प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी मंडल मुख्यालय पर फोरेंसिक लैब स्थापित करने के लिए बजट में व्यवस्था की। अब सरकार ने बजट का आवंटन कर दिया है।
गृह विभाग की देखरेख में बनने वाले इस प्रयोगशाला का निर्माण 2019 के अंत तक हो जाएगा। हालांकि कार्य पूर्ण होने की अवधि मई 2019 तक निर्धारित किया गया है। 23 करोड़ 51 लाख से बनने वाले इस प्रयोग शाला की खासियत यह है कि इसमें जिन वैज्ञानिकों व स्टाफ की तैनाती होगी उनके रहने के लिए आवास भी बनेगा। नई व आधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी। जिससे उसी दिन जांच रिपोर्ट मिल जाए और फौरी तौर पर अपराधियों की तलाश कर कार्रवाई हो सके।
मंडल के चारों जिलों की वारदातों की ये हो सकेंगी जांचें
-घटना स्थल पर हत्या में प्रयुक्त हथियार व शरीर पर खरोच आदि का फिंगर प्रिंट।
-रक्त के नमूने जिससे पता चल सके कि मनुश्य का है या फिर किसी जानवर या अन्य का।
-बिसरा की जांच।
-घटना स्थल के क्रिएशन की जांच।
-हत्या है या आत्म हत्या इसकी जांच।
-बुलेट की जांच कि किस असलहे से चलाई गई है और बुलेट किस प्रकार की है आदि।
इनसेट
सरकार का यह बहुत बड़ा फैसला है। प्राय: फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आने में एक या दो महीने लग जाते हैं और कभी-कभी और अधिक समय लगता है। इससे जांच भी प्रभावित होती है और अपराधी के बच निकलने की आशंका रहती है। लेकिन मंडल मुख्यालय पर बनने वाले लैब से यह समस्या दूर हो जाएगी। सेम डे जांच रिपोर्ट मिलने के कारण अपराधी को पकड़ा जा सकेगा। निर्दोष भी इससे बचेंगे। आधुनिक मशीनें लगने से यह कार्य आसान होगा। वैज्ञानिकों व स्टाप के रुकने की व्यवस्था भी होगी। डीएनए की जांच की सुविधा अभी शायद नहीं है लेकिन देर सबेर यह व्यवस्था भी हो जाएगी।
-उमेश कुमार सिंह, एसपी गोंडा