घरों से निकले लोकतंत्र के रखवाले
गोंडा। लोकतंत्र के महापर्व पर वोटरों ने खूब दम दिखाया। अपने अपने शहर में बस एक अच्छी सरकार चुने जाने के लिए बड़ी तादात में वोटरों ने अपने घर से निकलकर लाइन में लगकर मतदान किया। बूथों पर लंबी-लंबी लाइन लगी रही। सुबह बुधवार को अधिक ठंढ रहने की वजह से सुबह 7.30 बजे बूथों पर सन्नाटा रहा।
लेकिन जैसे जैसे धूप में गुनगनाहट शुरू हुई बूथ वोटर पहुुंचने लगे। देखते ही देखते सुबह नौ बजे से तीन बजे तक बूथों पर खूब रंग जम गया। जब वोट बरसने शुरू हुए तो फिर यह नजारा कई घंटे तक चलता रहा। सुबह जिगर मेमोरियल स्कूल में आठ बूथों पर एक साथ वोटिंग की व्यवस्था की गई थी।
इससे यहां वोटिंग में अधिक देर तक लोगों को लाइन में नही लगना पड़ा। चौकबाजार में नगर पालिका परिषद बूथ पर लोगों की भीड़ रही। इसी तरह से पटेल नगर में भी वोटरों लंबी लाइन लगी रही। लोगों ने अपना वोट डाल कर अपना फर्ज अदा किया।
मतदान में आधी आबादी ने दिखाया जोर
गोंडा। अपने शहर को स्वच्छ व साफ सुथरा बनाए रखने के साथ लोगों के हित का काम करने वाली नगरीय सरकार को चुनने के लिए शहर की आधी आबादी का भी जोर दिखा। घर में अपने घरेलू काम निपटाने के बाद महिलाएं मोहल्ले की महिलाओं की टोली में वोट डालने घरों से निकली। मतदान केंद्रों पर महिला वोटरों की लम्बी लम्बी कतारें लगीं।
नगर गोंडा, नवाबगंज, खरगूपुर, मनकापुर, करनैलगंज, कटरा व परसपुर में महिला वोटरों की मतदान में भागीदारी काबिलेतारीफ रही। लम्बी लम्बी लाइन में महिलाएं घंटो लाइन में अपनी बारी आने के इंतजार में खड़ी रहीं। कहीं नकाबपोश महिलाओं की टोली तो कहीं घूंघट में घर से निकली महिलाओं ने लोक के महापर्व में उत्साह पूर्वक हिस्सा लिया।
लगभग में सभी अपने अपने नगर में एक ऐसे अध्यक्ष व सदस्य के चुने जाने की फिक्र दिखी वह उनके मुहल्ले में साफ सफाई व अन्य बुनियादी सुविधाओं का ख्याल वाला हो। कई महिलाएं वोट डालने जाते समय तो कुछ लौटते समय अपने सखी सहेलियों से यही बतियाती रहीं कि फलां उम्मीदवार जीता अच्छा काम करेगा।
लोकतंत्र को मजबूत बनाने में बुजुर्ग नहीं रहे पीछे
गोंडा। लोकतंत्र को मजबूत बनाने में जब बात अगुवाई की आती है तो कोई भी बुजुर्ग खुद को किसी से कमतर नही आंकता है। बुजुर्गों के मन में यह बात आती है कि जब मै इस नगर में सबसे उम्र में बड़ा और बुद्धिजीवी होकर खुद आगे न गया तो नयी पीढ़ी क्या सीखेगी शायद इसी लिए बुधवार को हर क्षेत्र में बुजुर्ग अपनी जिम्मेदारी निभाने पहुंचे और इस नेक काम में उन्होंने अपनी बुजर्गी व कमजोरी को भी आड़े नहीं आने दी।
खरगूपुर में 100 वर्षीय माया देवी अपने लड़के के साथ वोट डालने पहुंची। इसी तरह से नवाबगंज में 101 वर्षीय धर्मादेवी अपने बेटे के साथ साईकिल से वोट डालने पहुंची। इसी तरह से बिच्छी 80 वर्ष बीमार होने के बावजूद वोट डालकर अपना फर्ज निभाया। भगवान देवी ने अपने पुत्र के सहारे डीएबी कालेज में वोट डाला।
क्रियेटिव सरकार चुनने घरों से निकले युवा वोटर
गोंडा। अपनी मनपन्द व क्रेयटिव सरकार चुनने के लिए युवाआें में उत्साह दिखा। तमाम युवा निकाय चुनाव के दिन मतदान करने अपने घरों से निकले। युवा मतदाताओं के मनमें एक ऐसे नगरीय सरकार सुनने की कसमसाहट रही जो नगर को स्वच्छ रखने के साथ नगर के लोगों के बुनियादी सुविधाओं का ख्याल रख सके।
नगर पालिका परिषद गोंडा में मतदान के लिए आयीं स्नेहा का कहना था कि वे चाहती है कि नगर पालिका में ऐसा अध्यक्ष हो लोगों के लिए शहर में विकास कार्य कराये। इसी तरह से मतदान करने के बाद आयशा ने बताया कि वह नगर में ऐसे सरकार चाहती हैं जो लोगों की सुविधाओं के अनुरूप विकास कार्य कराए।
शास्त्री कालेज में मतदान करने आयीं पूजा, सीमा व अंकिता का कहना था कि नगर में वह ऐसे व्यक्ति की नुमाइंदगी चाह रही हैं जो सबकी सुनने व सबके लिए विकास की सोंच रखने वाला हो।
फर्ज निभाने में विकलांगता को दी मात
कटराबाजार। लोकतंत्र को मजबूत बनाये रखने वह अपने पसन्द की सरकार चुनने के लिए दिव्यांग भी पीछे नही रहे। मतदान का फर्ज निभाने में अपनी विकलांगता आडे़ नही आने दी। कटरा बाजार नगर पंचायत चुनाव में बुधवार को 70 वर्षीय दिव्यांग मुन्ना व नगर के ही अबरार व्हील चेयर पर मतदान करने पहुंचे।
तमाम लोगों ने दिव्यांगों के जज्बे को सलाम किया। मुन्ना ने बताया कि मतदान करना हमारा फर्ज है इससे नगर में अच्छी सरकार चुनने में मदद मिलेगी। अबरार का कहना था कि मतदान करना जरूरी है इससे गरीबों के सहयोग वाली सरकार चुनी जाती है तो कमजोरों के विकास का रास्ता खुलता है। वहीं नामावली में नाम न होने से नसीर अहमद नाम के वोटर को खाली लौटना पड़ा। नाम कट जाने की उसने शिकायत कमिश्नर से कर रो पड़ा।