बाढ़ पीड़ितों को मिलेगा पक्का घर : योगी
सीएम आदित्यनाथ ने करनैलगंज में देखी बाढ़ की तबाही
राहत सामग्री वितरण लापरवाही पर डीएसओ समेत तीन सस्पेंड
बाढ़ में मरने वाले दो लोगों के परिवारीजनों को दी साढ़े चार-चार लाख की आर्थिक सहायता
अमर उजाला ब्यूरो
पाल्हापुर (गोंडा)। बाढ़ क्षेत्र का दौरा दो बार टलने के बाद आखिरकार सूबे के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने सोमवार को करनैलगंज के बाढ़ ग़्रस्त इलाके का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री बाढ़ राहत केंद्र पाल्हापुर पहुंचे और पीड़ितों से मिलकर उनकी तबाही की दास्तां सुनीं। सीएम ने बाढ़ के पानी में अपनी जान गंवाने वाले दो लोगों के परिवार को साढ़े चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी। आदित्यनाथ ने बाढ़ राहत कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप में गोंडा के प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी पूरन सिंह, पशुधन प्रसार अधिकारी केपी द्विवेदी तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र करनैलगंज में चिकित्साधिकारी डा. अजीत प्रताप को निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री ने एल्गिन-चरसड़ी बांध का स्थायी समाधान करने का भी लोगों को भरोसा दिलाया। सीएम ने जिनके घर नदी समा गए हैं उन्हें सुरक्षित स्थान पर पक्का मकान बनाकर देने की घोषणा की।
सोमवार को मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने करनैलगंज क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया तथा बाढ़ पीड़ितों से मिले। उन्होंने बाढ़ की त्रासदी पर पीड़ितों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन से किसी भी प्रकार लापरवाही न बरतने एवं लापरवाही मिलने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी। मुख्यमंत्री का सोमवार को तीसरी बार प्रस्तावित निरीक्षण था। बेहद खराब मौसम के कारण लोगों को यह कार्यक्रम निरस्त होने की आशंका थी। मगर करीब 11 बजे मुख्यमंत्री का हेलीकाप्टर हवा में दिखने लगा। हेलीपैड से ही शुरू हुए कीचड़ एवं दलदल में मुख्यमंत्री वाहन पर न बैठकर मंच तक पैदल ही आए। यही नहीं जिस मैदान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। उसमें जबरदस्त कीचड़ होने के बाद भी सीएम पैदल चलकर बाढ़ पीड़ितों से मिलने निकल पड़े। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ पीड़ितों से कुशलक्षेम पूछी और मिलने वाली सामग्री के बारे में जानकारी ली। उसके बाद सीएम योगी ने मंच पर मौजूद जनप्रतिनिधियों एवं जिले के आला अधिकारियों से चर्चा की। मंच से बाढ़ पीड़ितों को सम्बोधित करते हुए बाढ़ की इस आपदा में गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया कि किसी भी प्रकार की बाढ़ पीड़ितों को असुविधा नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ समाप्त होने के बाद इस क्षेत्र को बाढ़ से मुक्ति दिलाने के लिए सारे प्रयास किए जायेंगे, उसके लिए पक्के बांध का निर्माण कराने के लिए सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह एवं सचिव को तैयारी करने के लिए लगाया गया है। सीएम ने कहा कि जिले के सभी अधिकारी, सांसद, विधायक इस बाढ़ की विपदा में क्षेत्र में रहकर हरसम्भव बाढ़ पीड़ितों की मदद करने को कहा। इसके लिए धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। जिला प्रशासन के अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आई तो कठोर कार्रवाई के लिए भी तैयार रहें। उन्होंने कहा कि अबतक तीन अधिकारियों की लापरवाही एवं संवेदनहीनता प्रकाश में आई है जिनके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जा रही है। सीएम ने करनैलगंज क्षेत्र में बाढ़ में डूबकर मरने वाले युवक आदर्श कुमार के पिता जंगबहादुर व माता सीमा सिंह तथा किरन के पति बेचन लाल से दुख व्यक्त किया और उन्हें साढ़े चार-साढ़े चार लाख रुपए के चेक बतौर राहत सौंपे। इसके अलावा कई बाढ़ पीड़ितों को भी राहत सामग्री की किट बांटी। मंच पर संबोधन से पहले बाढ़ पीड़ितों के पास जाकर उनकी समस्याएं सुनीं। बाढ़ पीड़ितों ने राहत सामग्री के वितरण में किए जा रहे अफसरों के खेल से सीएम को अवगत कराया। इस लापरवाही को संज्ञान लेते हुए सीएम ने बाढ़ पीड़ित को थप्पड़ मारने वाले नायब तहसीलदार समेत तीन अधिकारियों को सस्पेंड करने की बात कही। इस मौके पर जिले के प्रभारी मंत्री उपेन्द्र तिवारी, सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह, समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री, सांसद बृजभूषण शरण सिंह, क्षेत्रीय विधायक अजय प्रताप सिंह लल्ला भइया, कटरा बाजार के विधायक बावन सिंह, गौरा विधायक प्रभात वर्मा, मेहनौन विधायक विनय कुमार द्विवेदी, तरबगंज विधायक प्रेम नरायन पाण्डेय, भाजपा जिलाध्यक्ष पीयूष मिश्र, पूर्व विधायक मंजू सिंह, डीएम जेबी सिंह, एसपी उमेश कुमार सिंह, कमिश्रर, डीआईजी सहित जिले भर के अधिकारी मौजूद रहे।