खतरे के निशान से पार घाघरा
खतरे के निशान से 0.056 सेमी ऊपर बह रही नदी
8 और गांवों में घुसा घाघरा का पानी
चार गांवों का मुख्यालय से कटा सम्पर्क
अमर उजाला ब्यूरो
करनैलगंज(गोंडा)। अलग-अलग बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से घाघरा नदी उफान पर है। शुक्रवार तक जहां करनैलगंज के 32 गांवों में घाघरा का पानी पहुंचा था तो वहीं शनिवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 0.056 सेमी ऊपर पहुंचने से इसका पानी 8 और गांवों में प्रवेश कर गया। जिससे बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या अगले 24 घंटों में बढ़कर दोगुनी होने के आशंका हैं। वहीं नदी से हुए पानी के फैलाव के चलते चार गांवों का सम्पर्क मार्ग भी कट गया है।
शनिवार को घाघरा नदी खतरे के निशान को पार करते हुए उससे 0.056 सेमी ऊपर बहने लगी है। जबकि शुक्रवार तक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 15 सेमी नीचे था। इसके पीछे बनबसा बैराज से नदी में करीब दो लाख क्यूसेक पानी और छोड़े जाना मुख्य है। जिससे नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया। करनैलगंज तहसील के ग्राम नकहरा के तीन मजरों परसावल, कमियार, नैपुरा, रायपुर के 32 गांवों में पानी शुक्रवार को ही भर गया था, जिनकी संख्या नदी का जलस्तर बढ़ने से शनिवार को 40 तक पहुंच गई।
काशीपुर कछार, नरायनपुरवा, नकहरा के मजरा खालेपुरवा, राधेपुरवा, अयोध्यापुरवा, रामेश्वर पुरवा, नउवनपुरवा, जवाहर पुरवा, कोरिनपुरवा, पाहिनपुरवा, रमेसर पुरवा, खालेपुरवा डीहा में शनिवार को पानी भरने लगा। जबकि चन्दापुर किटौली के तीन मजरे भी पानी से पूरी तरह घिर गये हैं। जहंा नावे लगा दी गई है। उसके बाद से ग्राम पंचायत काशीपुुर, घरकुंइया, रेक्सड़िया, पूरे अजब, बहुवन मांझा दक्षिणी एंव नकार में घाघरा का पानी तेजी से गिरने लगा। अनुमान है कि रविवार की शाम तक बाढ़ से प्रभावित मजरों की संख्या 80 के पार हो जाएगी। नकहरा में लगातार पानी भरने से इस गांव का सम्पर्क तहसील से कट गया है। वहीं तीन और सड़कों का आवागमन भी पानी भर जाने से बंद हो गया है। उधर घाघरा के साथ ही सरयू नदी भी उफान पर है।
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नदी का जलस्तर बढ़ने से इसका पानी गांवों में आ रहा है। बाढ़ प्रभावित जितने भी गांव हैं, वहां नावें लगा दी गई हैं। बाढ़ पीड़ितों को लंच पैकेट एंव राशन किट का वितरण किया जा रहा है। रविवार तक कई मजरों एंव गांवो में पानी पहुंच जायेगा। जिसके लिए गांवों को खाली कराने का काम भी तेजी से किया जा रहा है।
-अर्चना वर्मा, एसडीएम
इनसेट
घाघरा के निशान पर ये गांव
काशीपुर, नकहरा, प्रतापपुर, वैद्यपुर, भटपुरवा, रेक्सड़िया, पूरेअंगद, पूरेअजब, शाहपुर, मनिहारी, कंजेमऊ, कुर्था, धौरहरा, हीरापुर कमियार, बहुवन मदार माझा, भौरीगंज, नंदौर, दूदी, चमरी, दूदा, ढेमा, बरदहा, परेटा, मुंडेरवा, गौरासिंहपुर, रमवापुर, बरगदिया, चरसड़ी, रायपुर, शिवगढ़, नरायनपुर जयसिंह, नैनुआ जगन्नाथपुर, घरकुंइयां, अतरसुइया, चंद्रभानपुर, चंद्रहरिया, नकार, पाल्हापुर, विवियापुर अवधूत नगर, गुमदहा, लालेमऊ, दिउली, मोहम्मदपुर गढ़वार, बसेरिया, चंदापुर किटौली, पसका, नंदौर, सकरौर, रुदौली, टेंगनहां, सरैंया, सकतपुर, फत्तेपुर कोटहना, धनावा, रामपुर, बरतरा, नरायनपुर साल, नरायनपुर ललक, राजापुर, नरायनपुर माझा, खजुरिया, कचनापुर, कुर्था, कंजेमऊ, गनवलिया, अतरौलिया, रामगढ़, मौहर, तरहटा, चतरौली, टेरी, दिनकरिया, विवियापुर गोसांई को बाढ़ से प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।