कब्जा किया तो कहीं माफियाओं ने बेच दी वक्फ की जमीनें
सीबीआई जांच हो तो खुले वक्फ संपत्तियां डकारने वालों की पोल
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। जिले में वक्फ संपत्तियों की जांच सीबीआई करे तो उसे हड़पने वाले कई लोगों की पोल खुल जाए। शहर के सिविल लाइन क्षेत्र में दो स्थान पर वक्फ संपत्तियों का नामों निशान ही मिट चुका है। कुछ बचे हैं तो उस पर भू माफियों ने नजर गड़ा रखी है। करीब आधा दर्जन वक्फ के संपत्तियों का हाईकोर्ट व विभाग में विवाद चल रहा है। कई संपत्तियों को भू माफिया अपना होने का दावा कर उसे बेचने की फिराक में हैं। शिकायत पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को पिछले साल रजिस्ट्री विभाग के रजिस्ट्रार को पत्र लिख कर वक्फ संपत्तियों के बैनामा कराने आने वालों पर कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए थे। कई वक्फ संपत्तियों के कब्जे की शिकायत की जांच नही हुई। शहर के मो. उवैस ने प्रदेश के राजस्व परिषद व भारत सरकार से कई शिकायतें की। माना जा रहा है कि यदि सीबीआई वक्फ के मामलों की जांच गोंडा में भी करे तो इसमें कई बड़े लोगों के चेहरे बेनकाब हो जाएं।
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सुन्नी वक्फ की कुल संपत्तियां
गोंडा। जिले में सुन्नी वक्फ अवकाफ 12 हैं। यह संपत्तियां जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में दर्ज हैं। कुछ वक्फ अवकाफ या तो सरकारी विभाग के कब्जे में है तो कुछ वक्फ पर विवाद है।
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शिया वक्फ की नही है संपत्तियां
गोंडा। जिले में शिया वक्त संपत्तियां नही हैं। न ही शिया समुदाय की ओर से वक्फ को लेकर कोई विवाद है। शिया अंजुमन इमामबाड़ा के सदर डॉ. सैय्यद आजम हुसैन आब्दी ने बताया कि शिया वक्फ की कोई संपत्ति नही है।
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वक्फ संपत्तियों पर कब्जे के आरोपों की नही हुई जांच
गोंडा। शहर के वक्फ संपत्तियों के कब्जे व उसे बेचने के आरोपों की जांच आज तक नही हुई। इस मामले में शहर के मो.उवैस के अलावा कई अन्य लोगों की ओर से अब प्रदेश सरकार, विभाग व जिला स्तर के राजस्व अधिकारियों से वक्फ संपत्तियों के जांच की मांग की जा चुकी है। कई स्थान पर दूसरे लोगों के कब्जा करने व उसे बेच देने के मामले के आरोप लगाए गये हैं।
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वक्त संपत्तियों का नही हो सका चिन्हांकन
गोंडा। नगर के मोहल्ला महराजगंज निवासी मोहम्मद उवैस ने जिले में सभी वक्फ संपत्तियों के चिन्हांकन कर वहां बोर्ड लगाने की मांग की थी। इस बाबत उन्होंने जिले से लेकर शासन तक दौड़ कर शिकायतें की। जिले में वक्त संपत्तियों की जांच व उसके संरक्षण की मांग भारत सरकार से भी की लेकिन आला अफसरों की ओर से भी सिर्फ कागजी घोड़े ही दौड़ाए गये। अभी जिले में ऐसी वक्फ संपत्तियां हैं जिन्हें आज तक चिह्नित ही नही किया गया।
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कहीं किराए पर तो कहीं बिक गईं वक्त संपत्तियां
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केस एक-
गोंडा। नगर के सिविल लाइन क्षेत्र में डाक चौराहे के पास करीब 20 बीघा वक्फ की जमीन को भू-माफियाओं ने कागजों में हेराफेरी अलग-अलग लोगों को बेच दी है। पुराने भवन खत्म हो गए। लोगों ने नए नए मकान बना लिए। इसकी शिकायतें भी हुईं लेकिन जांच की कौन कहे शिकायतें भू-माफिया व अधिकारियों की गठजोड़ प्रभाव से फाइलों में दफन हो गईं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि इस वक्फ संपत्तियों के कागजात में बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ हुई।
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केस दो -
गोंडा। शहर के मोहल्ला पंत नगर स्थित गोंडा-लखनऊ रोड पर दो बड़ी वक्फ संपत्तियां मकबूल अहमद अलल औलाद के नाम से दर्ज हैं। कई करोड़ रुपये की एक भवन में इनकम टैक्स विभाग ने किराए पर ले रखा है जब कि दूसरा भवन निर्वाचन कार्यालय ने किराए पर ले रखा है। इन दोनो अवकाफ का दो पक्षों बीच हाईकोर्ट में मुकदमा चल रहा है। फिलहाल विभाग सरकार के पक्ष में किराया जमा करवा रहे हैं। इन दोनों भवन पर कई भू माफियों की नजर है। इस भवन को हड़पने के फिराक में लगे लोग इस भवन के मुंहबोले मालिक बने घूम रहे हैं। सूत्रों का मानना है कुछ लोगों ने तो इसे बेंचने के लिए खरीददार तक तय कर रखे हैं।
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जिले में वक्फ अवकाफ अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में दर्ज है। कई वक्फ अवकाफ पर विवाद है जिसका मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। जो वक्फ संपत्तियां है वहां पर बोर्ड लगवाया जा चुका है। ’
- एसके सिंह, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी गोंडा।