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73 लाख खर्च करने पर भी घटे 12 हजार छात्र

Sun, 23 Jul 2017 11:51 PM IST
amar ujala
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 परिषदीय स्कूलों में बच्चों की नामांकन को बढ़ाने व स्कूलों में उनके ठहराव को लेकर शासन लाख जतन कर रहा हो लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग के अफसर इस प्रयास पर पानी फेर रहे है। पिछले शैक्षिक वर्ष में नामांकन व ठहराव को लेकर विभाग ने स्कूल चलो रैली से लेकर आरटीई मेला व उपस्थिति अभियान के नाम पर 73 लाख रुपये खर्च कर दिए लेकिन स्कूलों में छात्र संख्या नहीं बढ़ सकी। विभाग का शत प्रतिशत बच्चों के स्कूलों में नामांकन का दावा फेल हो गया और शैक्षिक सत्र 2015-16 के मुकाबले सत्र 2016-17 में इन स्कूलों से 11809 हजार छात्र घट गए। 
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जिले के परिषदीय स्कूलों में शैक्षिक सत्र 2015-16 में कुल 342176 बच्चों ने नामांकन कराया था। इस नामांकन को बढ़ाने के लिए शैक्षिक सत्र 2016-17 में शासन ने स्कूल चलो रैली से लेकर उपस्थिति अभियान आरटीई मेेले जैसे कार्यक्रमों के लिए खूब पैसा बहाया।

स्कूलों में नामांकन बढ़ाने को पिछले शैक्षिक सत्र में बेसिक शिक्षा विभाग को शासन ने स्कूल चलो अभियान के प्रथम चरण के तहत रैली के आयोजन के लिए 20 लाख रुपये का आवंटन किया था। इस धनराशि से स्कूलों में जागरुकता रैली के साथ विद्यालयों में नामांकन पखवाड़ा व प्रवेश उत्सव जैसे कार्यक्रम 15 जुलाई तक होने थे। नामांकन के बाद स्कूलों में बच्चों की नियमित उपस्थिति के लिए उपस्थिति अभियान का संचालन किया जाना था।
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15 सिंतबर से 20 अक्तूबर व 7 नवंबर से 15 दिसंबर तक चलने वाले इस अभियान के लिए 43.66 लाख रुपये आवंटित किए गए थे। इसमें प्रत्येक ब्लाक को 40 हजार,न्याय पंचायत संसाधन केंद्र को दो हजार व प्रत्येक स्कूल को एक एक हजार रुपये की धनराशि भेजी जानी थी।

जनपद स्तर पर भी 1.85 लाख रुपये की लागत से कार्यक्रम होना था। इसके अलावा आरटीई मेेले के आयोजरन के लिए भी 9 लाख रुपये का आवंटन किया था लेकिन विभाग के अफसरों ने मिलीभगत कर कागजों पर इन योजनाओं का संचालन करा दिया जिससे स्कूलों में छात्रों की संख्या बढने के बजाय घट गई और वर्ष 2015-16 के मुकाबले वर्ष 2016-17 में 330367 छात्र छात्राओं का ही नामांकन हो सका। इस तरह नामांकन व उपस्थिति बढ़ाने के नाम पर 73 लाख रुपये की धनराशि खर्च होने के बावजूद सरकारी स्कूलों से 11809 छात्र कम हो गए। 
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