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Gonda News: प्रसव की सूचना न देने पर फंसे 12 नर्सिंगहोम संचालक

Wed, 03 Jan 2024 11:18 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा। नौ महीने से संस्थागत प्रसव की सूचना न देने वाले 12 नर्सिंगहोम संचालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सीएमओ ने लापरवाही बरतने वाले संचालकों को नोटिस भेजकर जबाव-तलब किया है। उचित कारण न स्पष्ट करने वाले अस्पतालों का पंजीकरण रद्द करने की चेतावनी दी गई है।
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स्वास्थ्य विभाग संस्थागत प्रसव को बढ़ाने के लिए ऐड़ी चोटी का जोर लगा रहा है। लेकिन निजी अस्पतालों की मनमानी विभाग के मंशा पर पानी फेर रहा है।
मुख्यालय पर कुल 24 नर्सिंगहोम का पंजीकरण सीएमओ कार्यालय के तहत है। जिनको अस्पताल में होने वाले जन्म व मृत्यु की सूचना विभाग को 21 दिन के भीतर अनिवार्य रूप से देनी होती है, लेकिन 12 अस्पतालों ने अप्रैल से दिसंबर तक जन्म-मृत्यु संबंधी कोई सूचना सीएमओ कार्यालय पर नहीं दी। इनमें कई बड़े अस्पताल ऐसे भी हैं, जहां हर रोज 10 से अधिक प्रसव हो रहे हैं।
इन अस्पतालों को नोटिस
बहराइच रोड स्थित सहारा हॉस्पिटल, सरकुलर रोड पर संचालित अवध हॉस्पिटल, आवास विकास का जीवनदीप हॉस्पिटल, ददुआ बाजार स्थित किरन हॉस्पिटल, इमलिया गुरुदयाल स्थित शिवा हॉस्पिटल, व मधुलोक हॉस्पिटल, मालवीय नगर स्थित हेल्थ केयर हॉस्पिटल, आवास विकास का देवांगना हॉस्पिटल, सुमंगलम हॉस्पिटल, जीवन ज्योति हॉस्पिटल, जानकीनगर स्थित सिद्धि विनायक हॉस्पिटल।
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प्रसव की सूचना देने पर खुल जाएगी पोल
सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी के चलते निजी अस्पतालों में प्रसव कराने वालों की लाइन लगी रहती है, जिससे पंजीकरण के मानक से कई गुना ज्यादा बेड लगाकर मरीजों को भर्ती किया जाता है। प्रसूताओं को चार दिन के भीतर ही डिस्चार्ज कर दिया जाता है, जिससे नए मरीजों को भर्ती किया जा सके। यदि सभी प्रसव की सूचना सीएमओ कार्यालय पर दी जाए तो मानक से अधिक भर्ती करने की पोल खुल जाएगी। इसीलिए जन्म मृत्यु की उचित सूचना न देकर निजी अस्पताल संचालक मनमानी कर रहे हैं।

डीएम ने भी दिया था सख्त निर्देश
जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने सीएमओ कार्यालय समेत सभी नगर पालिका व ग्राम पंचायतों को जन्म मृत्यु पंजीकरण अनिवार्य रूप से करने की हिदायत दी थी। 25 नवंबर को डीएम की ओर से जारी पत्र में सख्त निर्देश दिए गए थे कि कोई नर्सिंगहोम संचालक सूचना देने से मना करता अथवा सूचना नहीं उपलब्ध कराता है तो उसके खिलाफ सुसंगत धाराओं में दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

निजी अस्पतालों से मांगा जवाब
सीएमओ डॉ. रश्मि शर्मा के अनुसार, प्रसव की सूचना न देने वाले अस्पतालों से जवाब मांगा गया है, जो अस्पताल उचित जवाब नहीं दे पाएंगे। उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। संबंधित अस्पताल का पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा। सभी अस्पतालों को 21 दिन के भीतर जन्म मृत्यु की सूचना अनिवार्य रूप से देनी होगी।
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