फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिना पढ़े परीक्षा देंगे परिषदीय स्कूलों के 3.29 लाख नौनिहाल

विज्ञापन
विज्ञापन
बिना पढ़े परीक्षा देंगे परिषदीय स्कूलों के 3.29 लाख नौनिहाल
विज्ञापन


गोंडा। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 3.29 लाख नौनिहाल इस बार बिना पढ़े ही परीक्षा देंगे। इनकी अर्धवार्षिक परीक्षा 30 अक्तूबर से शुरू हो रही है। परीक्षा के लिए कोर्स पूरा कराना तो दूर विभाग इनमें से 50 प्रतिशत बच्चों को अभी किताब भी नहीं उपलब्ध करा सका है। लेकिन अफसर परीक्षा की तैयारी पूरी होने का दावा कर रहे हैं।

बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षा की दयनीय हालत किसी से छिपी नहीं हैं। यहां जिम्मेदारी का लबादा ओढ़े अफसर योजनाओं के क्रियान्वयन के नाम पर सिर्फ ढिंढोरा पीट रहे हैं। हालत यह है कि इन विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की अर्धवार्षिक परीक्षाएं सिर पर आ चुकी हैं और बच्चे अभी किताबों का इंतजार कर रहे हैं।
विज्ञापन


विभाग के 3125 परिषदीय स्कूलों में 3.29 लाख नौनिहाल शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। शासन की तरफ से इन बच्चों को निशुल्क रूप से किताबें उपलब्ध कराई जाती हैं। कायदे से इन्हें सत्र के शुरुआत में किताब मिल जानी चाहिए, मगर इस बार टेंडर में हुई देरी के कारण शासन ने जुलाई माह तक सभी बच्चों को किताब उपलब्ध कराने का दावा किया था।

अगस्त महीने में किताबों की पूरी खेप जिले को आवंटित भी हो गई थी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को इन किताबों को स्कूलाें में पहुंचाकर बच्चों में वितरित कराने के निर्देश दिए थे मगर खंड शिक्षा अधिकारियों ने बीएसए के आदेश को कूड़े में फेंक दिया।

नतीजा यह रहा कि बच्चे व शिक्षक स्कूलों में किताब आवंटन का इंतजार करते रहे, लेकिन स्कूलों के निरीक्षण के नाम पर उगाही में जुटे खंड शिक्षा अधिकारी इस बात से बेखबर बने रहे। खंड शिक्षा अधिकारियों की इस लापरवाही से किताबें बच्चों को मिलने के बजाय ब्लाक संसाधन केंद्रों पर ही धरी रह गई।

शैक्षिक सत्र के छह माह बीतने के बाद इन स्कूलों कें अधिकतर नौनिहालों तक अभी किताबें नही पहुंच सकी हैं। अब अर्धवार्षिक परीक्षा की तारीखों का ऐलान होने के बाद शिक्षकों व बच्चों को अधूरे कोर्स की चिंता सता रही है जबकि विभागीय अफसर शिक्षकों व बच्चों को बिना किताबों के परीक्षा देने का गुरुमंत्र सिखा रहे हैं।

इन अफसरों को न किताब वितरण की चिंता है और न अधूरे कोर्स की फिक्र, बस जैसे तैसे परीक्षा को पूरा कराने का स्वांग रचा जा रहा है।

इनसेट
प्राथमिक स्तर का परीक्षा कार्यक्रम
दिनांक कक्षा विषय
30.1017 एक हिंदी मौखिक
दो से पांच तक हिंदी लिखित/मौखिक
31.10.17 एक गणित मौखिक
दो से पांच तक गणित लिखित/मौखिक
01.11.17 एक अंग्रेजी मौखिक
दो व तीन अंग्रेजी लिखित/मौखिक
चार व पांच संस्कृत मौखिक
02.11.17 तीन सामाजिक विषय लिखित/मौखिक
चार व पांच सामाजिक विषय लिखित/विज्ञान मौखिक
03.11.17 तीन संस्कृत लिखित/मौखिक
चार व पांच संस्कृत व विज्ञान लिखित/मौखिक

उच्च प्राथमिक स्तर का परीक्षा कार्यक्रम
दिनंाक कक्षा विषय
30.10.17 छह से आठ हिंदी लिखित
विज्ञान लिखित
31.10.17 छह से आठ गणित लिखित
बेसिक क्राफ्ट/कृषि/गृह विज्ञान/ संबंधित कला
01.11.17 छह से आठ अंग्रेजी लिखित
खेल एवं स्वास्थ्य/शारीरिक शिक्षा/स्काउट गाइड
02.11.17 छह से आठ सामाजिक विषय लिखित
पर्यावरण लिखित
03.11.17 छह से आठ संस्कृत/उर्दू लिखित
कला/संगीत
नोट-सभी परीक्षाएं दो पालियों में संपन्न कराई जायेंगी।

शिक्षक एसोसिएशन नाराज
गोंडा। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने स्कूलों में किताबों के वितरण पर सवाल उठाए हैं। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अनूप कुमार सिंह का कहना है कि अफसरों की लापरवाही से किताबें बच्चों तक नही पहुंच सकी हैं। किताबें जिले के अधिकतर ब्लाक संसाधन केंद्रो पर डंप पडी हैं। किताब न मिलने से कोर्स अधूरा है। बावजूद इसके शिक्षकों पर शत प्रतिशत परिणाम देने का दबाव है। एसोसिएशन के पदाधिकारी कई बार इसकी शिकायत दर्ज करा चुके हैं मगर अफसर कार्रवाई करने के बजाय शिक्षकों पर ही परीक्षा को संपन्न कराने का दबाव बना रहे हैं।
विज्ञापन

वर्जन
इस बार किताबों का आवंटन शासन से ही देर में मिला जिससे बच्चों को किताब मिलने में देरी हुई। फिर भी समय से स्कूलों में बच्चों को किताबें वितरित करने की जिम्मेदारी बीईओ को सौंपी गई थी। लगभग सभी स्कूलों में किताबें पहुंच भी गई हैं। अर्धवार्षिक परीक्षा की तैयारी के लिए पहले ही सभी बीईओ को निर्देशित किया जा चुका है। परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई जायेंगी।
संतोष कुमार देव पांडेय, बीएसए
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें