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आपरेशन में पैर से निकला आंत का ट्यूमर

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ऑपरेशन कर पैर से निकला का ट्यूमर लिवर
हायडेटेट सिस्ट ऑफ लिवर से परेशान व्यक्ति का चलना-फिरना तक हो गया था दूभर
राजेश तिवारी
गोंडा। डाक्टरी पेशे में भी कभी-कभी ऐसी चौंकाने वाले मामले सामने आते हैं जिनपर यकीन करना बेहद मुश्किल होता है। शहर के एक सर्जन ने एक व्यक्ति के पैर से आपरेशन के दौरान हायडेटेड सिस्ट को बाहर निकाला, जो मुख्यत: डॉग वर्म के कारण लोगों के लिवर में होती है। पैर में डायडेटेड सिस्ट से परेशान जिस मरीज का आपरेशन उन्होंने किया है, वह पिछले 8 वर्षों से मुंबई में रहकर ठेला गाड़ी चलाता था। लेकिन इधर पिछले 6 महीनों से उसका पांव हांथी पांव से भी ज्यादा मोटा हो गया था। जिसके कारण उसकी जिंदगी नरक हो गई थी।
बालपुर के ठाकुरपुरवा गांव में रहने वाले विजय कुमार गोस्वामी (38) रोजी-रोटी की तलाश में आठ साल पहले अपने गांव से मुंबई गए थे। जहां वह ठेला गाड़ी चलाकर जैसे-तैसे अपना गुजर बसर कर रहे थे। विजय के मुताबिक उनके दाहिने पैर में 7 साल से रह-रह कर कभी सूजन तो कभी चलने-फिरने में तकलीफ जैसी दिक्कतें पैदा होती रहती थी। जिसपर वह काम के बोझ के कारण ज्यादा ध्यान नहीं दे पाते थे। लेकिन साल भर पहले जब उनके पैर में दिक्कतें बढ़नी शुरू हुईं तो वह मुंबई में कामकाज छोडक़र अपने गांव आ गए। यहां आने के बाद उन्होंने जब जिला अस्पताल में दिखाया। तो वहां के डाक्टरों ने लखनऊ इलाज कराने की सलाह दी। लखनऊ में पहले वह ट्रॉमा सेंटर गए। जहां बताया गया कि उनके पैर में कैंसर हो गया है। इसके बाद उन्होंने डा. राममनोहर लोहिया के डाक्टरों से भी परामर्श लिया। डा. नसीम अख्तर व डा. अरुण चतुर्वेदी को दिखाने के बाद उन्होंने यह तो बताया कि उनके पैर में इंफेक्शन है। लेकिन इंफेक्शन किसका है, यह बात उन्होंने उन्हें नहीं बताई। लखनऊ में ही उनकी कई प्रकार की जांचे हुई और एमआरआई भी कराई गई। इसके बाद वह वहां से लौटकर गोंडा आ गए। जहां एमआरआई रिपोर्ट के आधार पर शहर के एक अस्पताल में सर्जन डाक्टर आरएन पाण्डेय ने जब विजय कुमार के पैर का आपरेशन किया तो उनके पैरे से ऐसी हायडेटेड सिस्ट बाहर निकाली, जो आमतौर पर मनुष्यों की आंत में होती है। आपरेशन के बाद विजय का दाहिना पैर आम लोगों की तरह हो गया है। बतौर विजय पिछले छह महीनों से उसकी जिंदगी नरक से भी गई गुजरी हो गई थी। लेकिन अब जब से उसका आपरेशन हुआ, तब से वह तो खुश है ही परिवार के लोग भी फूले नहीं समा रहे।
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फोटो-
इनसेट
बालपुर के ठाकुरपुरवा गांव में रहने वाले जिस विजय कुमार गोस्वामी का आपरेशन उन्होंने किया, उसके पैर से जो हायडेटेड सिस्ट निकली है, वह अपने आप में चौंकाने वाली है। क्योंकि अभी तक की उनकी प्रैक्टिस में ऐसा केस उनके पास नहीं आया था। विजय का आपरेशन पूरी तरह से सफल रहा और वह पूरी तरह स्वस्थ महसूस कर रहा है।
-डा.राजेश पाण्डेय, सर्जन
इनसेट
इस तरह होती बीमारी
हायडेटेड सिस्ट आफ लिवर की बीमारी आम तौर पर जानवरों के सम्पर्क में रहने या फिर उनका अधपका मांस खाने से होती है। इसकी एक परिभाषा डॉग वर्म के रूप में भी दी जा सकती है। टीनिया सैजिनेटा/टीनिया सोलियम आदमियों के लिवर में हो जाती है। जिसका एकमात्र उपाचार केवल और केवल आपरेशन ही होता है और वह जितनी जल्दी हो जाए अच्छा है।
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इनसेट
हायडेटेड सिस्ट आफ लीवर आम तौर पर मनुष्यों के लिवर में ही होती है। जिसका एकमात्र उपचार आपरेशन है। अगर यह हायडेटेड सिस्ट किसी व्यक्ति के पैर से आपरेशन करके निकाली गई है तो यह वाकई में अपने आप में पहला केस हो सकता है। क्योंकि ऐसे दुर्लभ हैं।
-डा.एसके श्रीवास्तव, सीएमओ गोंडा
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