आवेदकों ने जमा किए 75 हजार फार्म
भारत सरकार को भेजा जाएगा प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। छूटे हुए पात्रों का मेला लगाकर प्रधानमंत्री आवास दिलाने के उद्देश्य से शुक्रवार को विकास भवन परिसर में आयोजित मेले में विशाल जनसमूह उमड़ पड़ा। शाम तक 75 हजार से अधिक लाभार्थियों से आवेदन फार्म प्राप्त किए गए।
जिले में भारी मात्रा में अपात्रों को आवास दे दिया गया और पात्र छूट गए। इसी के मद्देनजर सीडीओ के आदेश पर ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव सहित पैंतीस लोंगों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजा गया जबकि 933 अपात्रों से जिन्हें आवास की किस्तें भी निर्गत की जा चुकी थीं, से रिकबरी का कार्य कराया जा रहा है। जिला प्रशासन की सख्ती के चलते लगभग तीन हजार अपात्रों ने अपने आवास सरेंडर कर अपात्र होते हुए भी आवास का अनुचित लाभ लिए जाने की बात स्वीकार करी और आवास लौटा दिए। शुक्रवार को विकास भवन परिसर में ब्लाकवार 16-16 काउंटर बनाए गए थे जिस पर संबन्धित ब्लाक के बीडीओ सहित पर्याप्त कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई थी। प्रदेश में गोंडा ऐसा पहला जिला बना जहां पर कैम्प लगाकर अभ्यर्थियों से आवदेन प्राप्त किए गए। सीडीओ दिव्या मित्तल ने बताया कि भारत सरकार की प्राथकिमता की प्रधानमंत्री आवास, आवासीय योजना जिसमें सरकार द्वारा 2022 तक भारत के हर आवास विहीन को आवास मुहैया कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। परन्तु कुछ कारण से पात्रों का नाम वर्ष 2011 की सामाजिक आर्थिक जनगणना सूची में शामिल नहीं हो पाया था। सीडीओ ने बिचैलियों को साउंड करते हुए सीधे जनपद स्तर पर पात्रों से आवदेन मांगे जिसमें आवास की मांग करने वाले अभ्यर्थियों का भारी समूह उमड़ पड़ा।