सुप्रीम कोर्ट के कमेंट पर भड़के एससी-एसटी संगठन
गोंडा। सुप्रीम कोर्ट के कमेंट पर एससीएसटी संगठनों का आक्रोश सोमवार को सड़कों पर फूट पड़ा। भारत बंद के एलान पर दलित एवं जनजाति संगठनों के लोगों ने शहर के अम्बेडकर चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया।
लोगों का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट ने एससीएसटी एक्ट को निष्प्रभावी कर दिया है। इससे दलित शोषित परिवार के लोगों को विषमता मूलक भावना का शिकार बनने की संभावना बढ़ गई है। प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा।
मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने एससीएसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज होते ही होने वाली गिरफ्तारी को जांच के बाद करने का कमेंट दिया है। एससीएसटी संगठन के भारत बंद के एलान पर सोमवार को यहां संगठन के प्रदेश संयोजक रमेश विमल के नेतृत्व में लोग शहर के अंबेडकर चौराहे पर एकत्र हो गए।
यहां एक्ट को निष्प्रभावी करने के विरोध में नारेबाजी की और प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से एससीएसटी एक्ट 1989 को पुन: बहाल करने के लिए विधेयक में सशोधन की मांग की।
इसके बाद राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट पीडी गुप्ता को सौंपा। इस मौके पर बाबूराम आर्य, रामप्रकाश, सुधाकर प्रसाद, रोशनलाल, अनिल कुमार, किशोरीलाल, राजेन्द्र प्रसाद, बंशीलाल, संतोष कुमार, मनोज कुमार, पाटनदीन आदि मौजूद रहे।