अफसरों को पानी पिला रहे 240 सफाई कर्मी
निदेशक के आदेश के बावजूद नहीं खत्म हो रही संबद्धता
अटैचमेंट के खिलाफ आवाज उठाई तो निलंबन की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। जिले के राजस्व गांवों में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए तैनात किए गए सफाई कर्मचारी गांवों में नहीं जा रहे हैं। गांवों में काम न करना पड़े इसके लिए अफसरों के दरवाजे पर अपनी संबद्धता करवाकर उन्हे पानी पिला रहे हैं। अफसर भी मुफ्त के कर्मचारी पाकर गदगद हैं। संबद्धता को खत्म करने के पंचायती राज निदेशक का आदेश भी अफसरों के ठेंगे पर है। जिससे गंावों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
जिले के 1054 ग्राम पंचायतों के राजस्व गांवों में सफाई व्यवस्था को चाक चौबंद रखने के लिए करीब 1800 सफाई कर्मियों की तैनाती है। गांव की गलियों से लेकर परिषदीय स्कूलों व अन्य सार्वजनिक भवनों की साफ सफाई की जिम्मेदारी इन्हें सौंपी गई है लेकिन इन सफाई कर्मियों को गांव में जाना गंवारा नही हैं। गांव में सफाई न करनी पड़ृे इसके लिए करीब 240 सफाई कर्मियों ने अपना अटैचमेंट जिला मुख्यालय से लेकर ब्लाक मुख्यालयों पर करा रखा है। वह सरकार दफ्तरों में अफसरों को पानी पिला रहे हैं। सबंद्धता का यह खेल खु ले आम अफसरों की जानकारी में चल रहा है। 19 नवंबर 2015 को पंचायत राज निदेशक ने सफाई कर्मियों की संबद्धता को निरस्त कर उन्हें गांवों में तैनात करने का आदेश जारी किया था लेकिन जिम्मेदार अफसरों ने अपनी स्वार्थपूर्ति के लिए निदेशक के आदेश को हवा में उड़ा दिया। इसके खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत किसी में नही है। उप्र पंचायती राज सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष राघवेेंद्र तिवारी का आरोप है कि उन्होंने इस अटैचमेंट को खत्म किए जाने की मांग उठाई तो उन्हें निलंबित कर दिया गया।
इनसेट
इन कार्यालयों में है सफाई कर्मियों की संबद्धता
आयुक्त कार्यालय -05
जिलाधिकारी कार्यालय-10
जिलाधिकारी कैंप कार्यालय-05
मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय-03
मुख्य विकास अधिकारी आवास-02
पंचस्थानी चुनावालय-03
अपर उप जिलाधिकारी-01
परियोजना निदेशक डीआरडीए-06
संयुक्त विकास आयुक्त कार्यालय-02
सीएलटीएस कक्ष पंचायतराज विभाग-04
एसबीएम कंट्रोल रुम पंचायतराज विभाग-11
जिला विकास अधिकारी कार्यालय-07
नोट-इसके अलावा जिले के 16 विकास खंडों पर 181 सफाई कर्मियों की संबद्धता की गई है।
वर्जन
जिले में संबद्ध करीब 34 सफाई कर्मियों की संबद्धता खत्म कर उन्हें गांवों में तैनाती दी गई है। इसके अलावा संबद्ध किए गए अन्य सफाई कर्मियों की सूची तैयार कराई जा रही है। सफाई कर्मियों की संबद्धता को जल्द ही खत्म किया जाएगा। राघवेंद्र तिवारी को देवी पाटन मंडल के उपनिदेशक पंचायत राज की संस्तुति पर निलंबित किया गया है।
घनश्याम सागर, जिला पंचायत राज अधिकारी