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दो हजार करोड़ की कार्ययोजना बनाएंगी 1054 पंचायतें

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गोंडा। 1054 पंचायतों के विकास का मसौदा तैयार करने के लिए करीब 23 हजार गांवों का सर्वे सुविधादाता करेंगे। सर्वे के आधार पर गांवों में विकास की संभावनाओं के साथ ही रोजगार के अवसर खोजे जाएंगे। सर्वे में बतौर सुविधादाता रोजगार सेवक नामित किए जा रहे हैं और जहां रोजगार सेवक की नियुक्ति नहीं है वहां टास्क फोर्स के शिक्षित सदस्य को सुविधादाता नामित किया जाएगा। सर्वे से जो जरूरतें सामने आएंगी उसे ई-स्वराज पोर्टल पर अपलोड करने के साथ ही बजट का अनुमान भी तय किया जाएगा। करीब दो हजार करोड़ रुपये के बजट की कार्ययोजना तय होने का अनुमान है।
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पंचायतराज विभाग ने सर्वे की तैयारी शुरू कर दी है। अक्तूबर माह से ही सर्वे होगा। नए वित्तीय वर्ष में दो हजार करोड़ से अधिक के बजट की कार्ययोजना तैयार करने के साथ ही करीब दो लाख श्रमिकों को रोजगार की संभावनाओं का खाका खींचा जाना है। पंचायत चुनावों की तैयारियों के बीच ये तैयारी काफी अहम मानी जा रही है। कार्ययोजना को अंतिम रूप से तैयार करने से पहले 1054 पंचायतों का आर्थिक सर्वे होगा और गांवों में विकास कार्यों को चिह्नित किया जाएगा। पंचायतों में 29 विभागों की परियोजनाओं को लागू करने के लिए ये मुहिम शुरू हो रही है।
इससे ये सर्वे काफी अहम माना जा रहा है। जिले में पंचायतों का पांच साल का कार्यकाल करीब-करीब पूरा होने जा रहा है। नए पंचवर्षीय के लिए चुनावी तैयारी के पहले चरण का काम मतदाता सूची के पुनरीक्षण से हो रहा है। इसके साथ ही चुनाव बाद विकास योजनाएं तेजी कराने के लिए हर पंचायत की अपनी कार्ययोजना भी नई पंचायत को तैयार मिलेगी। इसके लिए हर गांव में एक सुविधादाता तय किया जा रहा है।
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जिन पंचायतों में ग्राम रोजगार सेवक हैं वहां इसकी भूमिका वही निभाएंगे। जहां रोजगार सेवक नहीं हैं, वहां पंचायत के विकास को बनी टास्क फोर्स में शामिल एक शिक्षित सदस्य को नामित किया जाएगा। ऐसी 200 से अधिक पंचायतें हैं जहां शिक्षित सदस्य आर्थिक सर्वे करेंगे। सर्वे में हर एक व्यक्ति के बारे में जानकारी के साथ ही पंचायतों के गांवों में हुए कार्यों की रिपोर्ट तैयार होगी।
इस रिपोर्ट के आधार पर पंचायत में 29 विभागों के कर्मचारी बैठक करके विकास योजना और बजट का ड्राफ्ट तैयार करेंगे और फिर इसे ई-स्वराज पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। 31 जनवरी तक अंतिम रूप से प्रक्रिया पूरी करके सभी पंचायतों के विकास का खाका पोर्टल पर फीड कर दिया जाएगा। जिससे नए वित्तीय वर्ष में चिह्नित किए जाने वाले विकास कार्यों के आधार पर ही पंचायत कार्य करेंगी। यही नहीं राज्य व केंद्र से पंचायत की कार्ययोजनाओं के लिए बजट भी जारी किया जाएगा।
पंचायत के विकास के लिए होने वाला सर्वे आने वाले पंचवर्षीय कार्यकाल के लिए काफी अहम होगी। मौजूदा समय में पंचायतों में पंचायत भवन और सामुदायिक शौचालय का निर्माण प्राथमिकता में है। 472 पंचायत भवनों का निर्माण हो रहा है और 1054 सामुदायिक शौचालय बन रहे हैं। कइयों का निर्माण भी हो रहा है। इसके अलावा तीसरे नंबर पर ऑपरेशन कायाकल्प से स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों के विकास का कार्य है। अब नए सर्वे में कई और जरूरी कार्य तय किए जाएंगे। जिसके आधार पर आगे चलकर पंचायतें विकास का काम करेंगी। ऐसे में ये सर्वे काफी अहम है।
पंचायतों का विकास अब ऐसे करने की कल्पना हो रही है कि उनकी शहरों से तुलना हो सके। गांवों में विद्युतीकरण होने के साथ ही बाजारों के विकास पर जोर दिया जा रहा है। जिससे पंचायतों की आय बढ़ सके। इसके लिए समूहों को कई परियोजनाओं से जोड़ा जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों से समूहों को जोड़कर आय के साधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अलावा बिजली बिल की वसूली और कोटे की दुकानों का संचालन भी दिया जा रहा है। आने वाले दिनों में इन सबके और विकास की संभावनाएं सर्वे में तलाशी जाएंगी।
जिला पंचायतराज अधिकारी सभाजीत पांडेय ने बताया कि ग्राम स्वराज अभियान से पंचायत के विकास और आत्मनिर्भर बनाने के लिए पहल की जा रही है। सर्वे का कार्यक्रम जल्द ही जारी कर दिया जाएगा। 31 जनवरी तक प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
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