माध्यमिक के छात्रावास में रहेंगी कस्तूरबा की बेटियां
माध्यमिक शिक्षा सचिव ने मांगी छात्राओं की सूची
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। कस्तूरबा स्कूलों से कक्षा आठ की पढ़ाई पूरी कर चुकी बेटियों को अब छात्रावास के अभाव में स्कूल नहीं छोड़ना पडे़गा। पढ़ाई बाधित हो इसके लिए न सिर्फ इन बेटियों का एडमीशन माध्यमिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में कराया जायेगा बल्कि राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान की तरफ से तैयार किए गए छात्रावासों मे उन्हें रहने व खाने की सुविधा भी प्रदान की जायेगी। इस सुविधा से बीच में पढ़ाई छोड़ने वाली बेटियां अब आगे की पढ़ाई कर सकेगी।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में निर्बल वर्ग के घरों की बेटियों को निशुल्क शिक्षा के साथ साथ आवास व भोजन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। कक्षा आठ पास करने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग इन बेटियों को ड्राप आउट होने से बचाने के लिए इनका नामांकन तो किसी तरह से माध्यमिक शिक्षा विभाग के उच्चीकृत स्कूलों में करा देता है लेकिन रोज स्कूल आने जाने की कठिनाइयों को देखते हुए कई छात्राएं पढ़ाई छोड़ देती है। इन बेटियों की आगे की शिक्षा बाधित न हो इसके लिए सरकार ने राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान की तरफ से बनाए जा रहे छात्रावासों में इन बेटियों को रखने का फैसला किया है। सरकार के इस फैसले के बाद माध्यमिक शिक्षा सचिव ने सर्व शिक्षा अभियान के परियोजना निदेशक से इन स्कूलों से कक्षा आठ पास चुकी उन छात्राओं की सूची मांगी है जो छात्रावास में रहने की इच्छुक हैं। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा सचिव ने जिले में वजीरगंज,नवाबगंज झंझरी व पंडरीकृपाल में बनने वाले छात्रावासों की सूची भी जारी की है। सर्व शिक्षा अभियान में बालिका शिक्षा की जिला समन्वयक रजनी श्रीवास्तव ने बताया कि शैक्षिक सत्र 2016-17 में जिले के 17 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में कक्षा आठ मेें पढने वाली 537 छात्राएं पास हुई है। इनमें से वजीरगंज 26,झंझरी की 20,पंडरीकृपाल की 42 व नवाबगंज के वनग्राम की 26 व नवाबगंज कस्बे के 54 छात्राओं की सूची परियोजना कार्यालय को भेजी जा रही है। इसके अलावा अन्य विकासखंडों की जो छात्राएं छात्रावास में रहने की इच्छ़ुक हो वह भी माध्यमिक शिक्षा विभाग के कार्यालय में आवेदन कर सकती हैं।