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एमपी के सागर से रोजगार के लिए आए 15 परिवार के 100 लोग फंसे

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एमपी के सागर से रोजगार के लिए आए 15 परिवार के 100 लोग फंसे
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काम ठप, अब जैसे तैसे काट रहे जिदंगी, लॉकडाउन होने से घर भी नहीं जा सके
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजेहना( गोंडा) । भूखों मरेंगे कोरोना से लड़ेंगे हम जनता कर्फ्यू का समर्थन करते हैं। यह उद्गार हैं मध्य प्रदेश से आए 15 परिवारों के लगभग 100 से अधिक लोगों का जो पत्नी बच्चों के साथ लोहा पीट कर विभिन्न प्रकार के कृषि औजारों को बनाकर अपना जीवन यापन करते हैं। इस समय मुजेहना ब्लॉक के धानेपुर और आसपास के बाजारों में मध्य प्रदेश के सागर जिले थे राजा मालथौल गांव से गढ़िया लुहार के लगभग 15 परिवार विभिन्न स्थानों पर पॉलिथीन के टेंट बनाकर पत्नी और बच्चों के साथ रह रहे हैं। जिनका मुख्य पेशा लोहे के विभिन्न प्रकार के कृषिऔजार कुदाल, फावड़ा कुल्हाड़ी आदि बनाकर अपने परिवार का भरण पोषण करना हैं।
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यह परिवार आज के लगभग दो माह पूर्व आए थे। लेकिन बीच में कोरोना वायरस का संक्रमण होने के कारण अब यहां फंस गए हैं। क्योंकि इनका मुख्य व्यवसाय लोहे के कृषि उपकरण बनाकर बेंच कर उनसे हुई आमदनी से अपने परिवार का भरण पोषण करना था। जनता कर्फ्यू लग जाने के कारण इन परिवारों के समक्ष भरण-पोषण की समस्या खड़ी हो गयी है। लेकिन कोरोना के विरुद्ध छेड़े गए हर युद्ध से लड़ने के लिए तैयार हैं। यहां रहने वाले हरीश परिवार के सदस्यों की संख्या आठ है। इनका कहना है किसी प्रकार से समय काटेंगे जो पड़ेगा देखा जाएगा। परिवार के दस सदस्यों के साथ यहीं पर रुके हैं। इनका कहना है साहब लोहा पीट कर परिवार का भरण पोषण करने आए थे, कुछ भी जमीन नहीं है लेकिन यहां आकर कोरोना से रुके हैं। लेकिन समाज के बल पर हैं जो पड़ेगा देखा जाएगा। राजाराम के परिवार की संख्या 17 है, यह अपने बहु बेटे और नाती पोतों के साथ रामलीला मैदान मैदान में पॉलीथिन के टेंट में परिवार के साथ रह रहे हैं। इन्हीं के अनुसार इनके अतिरिक्त आठ लोग अपने परिवारों के साथ अन्य स्थानों पर यही कार्य अपनाकर जीविका चला रहे हैं।
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