दहेज में भैंस व बाइक न मिलने पर विवाहिता को फंदे पर लटकाकर हत्या करने के आरोपी पति व ससुर को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय आरपी सिंह ने दस-दस साल की सजा सुनाई है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता विनय कुमार सिंह के अनुसार कौड़िया थाना क्षेत्र के कौड़िया शुक्ल गांव की रहने वाली कुसुमा ने लल्लू पुत्र शिवबालक तिवारी व शिवबालक पुत्र सूर्यभान तिवारी निवासी चिलबिल के खिलाफ बीती 20 मार्च को थाना कौड़िया में दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें कहा गया कि कुसुमा ने अपनी पुत्री लल्ली की शादी लल्लू के साथ तीन साल पहले की थी। शादी के कुछ दिनों बाद ही पति व ससुर दहेज में भैंस व बाइक की मांग करने लगे। इसको लेकर दोनों लल्ली को प्रताड़ित किया करते थे।
दहेज की मांग पूरी न होने पर पति लल्लू व ससुर शिवबालक ने 20 मार्च को खाना पकाते समय लल्ली को मारपीट कर उसकी फंदे पर लटकाकर हत्या कर दी।
सत्र परीक्षण के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता ने अदालत पर गवाहों के बयान कराए। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस को सुना व पत्रावली का अवलोकन कर लल्लू व शिवबालक को दहेज हत्या के आरोप में दस-दस साल की सजा सुनाई।
प्रताड़ना एवं दहेज प्रतिषेध अधिनियम के आरोप में दोनों दो-दो साल के सश्रम कारावास की सजा व दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। आरोपी की जेल में बिताई गई अवधि सजा की अवधि में समायोजित की जाएगी।