चकबंदी लेखपाल के लिए रविवार को जिले के 47 केंद्रों पर परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जिसके लिए हर सेंटर पर सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त भी किए गए थे। इसके बावजूद परीक्षा में शामिल होने वाले 23556 परीक्षार्थियों में से आधों ने परीक्षा छोड़ दी।
चकबंदी लेखपाल परीक्षा के प्रभारी व एडीएम त्रिलोकी सिंह ने बताया कि परीक्षा में 10 हजार से ज्यादा परीक्षार्थियों ने हिस्सा नहीं लिया। जिनकी सूची वह हर एक सेंटर के केन्द्र व्यवस्थापकों से लेकर उसे कंपाइल करवा रहे हैं। इसलिए देर शाम तक परीक्षा छोड़ने वाले परीक्षार्थियों की संख्या का आंकड़ा नहीं मिल सका।
चकबंदी लेखपाल की परीक्षा ठीक तरह से संपन्न कराने के लिए जिले में कुल 47 सेंटर बनाए गए थे। साथ ही इसके लिए 47 परीक्षा सेंटरों को 16 सेक्टरों में बांटकर वहां सेक्टर मजिस्ट्रेटों की भी ड्यूटी लगाई गई थी।
16 सेक्टर मजिस्ट्रेटों की सहायता और समय-समय पर उनके स्तर से दी जाने वाली सूचनाओं का आदान-प्रदान करने के लिए 6 सहायक सेक्टर मजिस्ट्रेट भी इस काम के लिए तैनात किए गए थे। लेकिन रविवार को जब इसकी परीक्षा शुरू हुई तो परीक्षा में 50 फीसदी के करीब परीक्षार्थी गैरहाजिर पाए गए।
दिन में 11 से एक बजे और दोपहर बाद तीन से सायं 5 बजे के बीच दो पालियों में होने वाली इस परीक्षा में करीब 10 हजार परीक्षार्थी गैर हाजिर रहे। परीक्षा प्रभारी व एडीएम त्रिलोकी सिंह ने बताया कि रविवार को चकबंदी लेखपाल की परीक्षा से 10 हजार से ज्यादा परीक्षार्थी गायब रहे हैं।
रविवार को चकबंदी लेखपाल परीक्षा के मद्देनजर ट्रेनों से लेकर रोडवेज की बसों में जबरदस्त भीड़ नजर आई। वहीं, परीक्षा के चलते शहर में जाम की भी स्थिति बनी रही।
हजारों की संख्या में गैर जनपदों से आए परीक्षार्थियों की भीड़ के चलते रोडवेज की बसें और ट्रेनों में भारी भीड़ रही। डीआरएम आलोक सिंह ने बताया कि परीक्षा के मद्देनजर रेलकर्मियों की एक टीम गठित कर सभी परीक्षार्थियों को सकुशल उनके गंतव्य तक ले जाने की व्यवस्था की गई है।
चकबंदी परीक्षा में करीब तीस हजार लोगों के आने से शहर के चौराहे व सड़कों पर दिन भर वाहनों का जाम लगा रहा, जिससे अभ्यर्थियों व शहरवासियों को दिनभर समस्याओं का सामना पड़ा।
शहर में जयनारायन चौराहा, बड़गांव पुलिस चौकी, विष्णुपुरी तिराहा, स्टेशन रोड घोसियाना, दुखहरण नाथ मंदिर पर राहगीरों को जाम का सामना करना पड़ा।