ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री के निर्देशन में प्रदेश में जुलाई माह की 15 से 20 तारीख के बीच एक ही तिथि में छह करोड़ पौधों का रापेण कर गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराया जाएगा।
प्रभारी मंडलायुक्त ने बताया कि इस संबंध मे शासन से निर्देश प्राप्त हो गए हैं और विभिन्न विभागों के सहयोग से मंडल में लगभग दस लाख पौधों का रोपण किया जाएगा।
जिसमें ग्राम्य विकास विभाग द्वारा 764223, औद्योगिक विकास विभाग 30281, बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा 23482, माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा 13220, उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 5728, रेशम विकास विभाग द्वारा 27200, सिंचाई विभाग द्वारा 24415, लोक निर्माण विभाग द्वारा 22913, नगर विकास विभाग द्वारा 13336, गन्ना विकास विभाग 5332, सहकारिता विभाग द्वारा 2544, मत्स्य विकास विभाग द्वारा 5332, दुग्ध विकास विभाग द्वारा 5332, पशुधन विभाग द्वारा 5332, भूमि विकास एवं जल संसाधन विभाग 2873, कृषि विभाग द्वारा 13332, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा 13332, ऊर्जा विभाग द्वारा 1339, भारी मध्यिम एवं लघु उद्योग विभाग द्वारा 8000 पौधों सहित लगभग 10 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा।
प्रभारी मंडलायुक्त ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी एएनएम सेन्टर, आंगनबाड़ी केन्द्रों, प्राइमरी, जूनियर हाई स्कूलों, इण्टर कॉलेजों, फार्म हाउसों, दुग्ध सोसाइटियों, नहरों के किनारे, सड़कों के किनारे ग्राम प्रधानों से समन्वय बनाकर गांवों में, औद्योगिक इकाइयों में सरकारी दफ्तरों में भी पौधरोपण कराया जाय।
इस कार्य में गैर सरकारी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाए। मंडलायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देेश दिए कि पौधरोपण के लिए पौधों की खरीद के लिए आवश्यक बजट, पौधों की उपलब्धता व गड्ढा खुदाई के कार्य के लिए रूपरेखा तैयार करके रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
बैठक में संयुक्त विकास आयुक्त देवीपाटन मण्डल, फारेस्ट कन्जर्वेटर देवीपाटन मंडल, संयुक्त कृषि निदेशक, मुख्य अभियंता विद्युत देवीपाटन मण्डल, सभी जनपदों के डीएफओ, उपनिदेशक कृषि, उपायुक्त मनरेगा सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के मण्डलीय व जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।