गोंडा। जिले में शिक्षा विभाग में नौकरी के नाम पर एक और फर्जीवाड़ा सामने आया है। शहर में प्रधान डाकघर के पास रहने वाले बालक भगवान इंटर कॉलेज के लिपिक स्वयं प्रकाश शुक्ल, पोर्टरगंज निवासी उनके ड्राइवर उमाशंकर जायसवाल और अवधेश शुक्ल पर शिक्षक की नौकरी के नाम पर 10 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप लगा है। मामले में एसपी विनीत जायसवाल के आदेश पर नगर कोतवाली में केस दर्ज किया गया है।
परेड सरकार तुल्लामुरावनपुरवा निवासी रमेश कुमार मौर्य ने एसपी को पत्र देकर बताया कि वर्ष 2018 में लिपिक स्वयं प्रकाश, उमाशंकर और अवधेश शुक्ल ने शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे 10 लाख रुपये लिए थे। उन्होंने कर्ज लेने के साथ जेवर बेचकर छह लाख रुपये नकद और चार लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से आरोपियों को दिए थे। आरोपियों ने दो माह में नौकरी दिलवाने का झांसा दिया। मगर न ही नौकरी मिली और न ही रकम वापस हो सकी। नगर कोतवाल विवेक त्रिवेदी ने बताया कि पुलिस टीम मामले की जांच कर रही है। आरोपियों के खिलाफ अन्य थानों में दर्ज मुकदमों के बारे में भी जानकारी की जा रही है।
आरोपी पर दर्ज हैं कई मामले
पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपी शिक्षा विभाग में गिरोह की तरह काम करते हैं। कई लोगों से नौकरी के नाम पर लाखों रुपये की ठगी कर चुके हैं। एसपी विनीत जायसवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इससे पहले आरोपियों के खिलाफ इटियाथोक व कटरा बाजार थाने में भी रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। मगर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।